झारखंड को शिक्षा के क्षेत्र में एक अलग पहचान दिलाने के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। इस दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं और इसके मिल रहे सकारात्मक परिणाम शिक्षा व्यवस्था को और उत्कृष्ट बनाने के लिए हमें प्रेरित कर रही है। हमारी कोशिश शिक्षा को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन मंगलवार को झारखंड मंत्रालय में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण- सह - मेधा सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार योजना और झारखंड ई- शिक्षा महोत्सव 2025 का शुभारंभ किया।

*_राज्य को आगे ले जाना सभी की जिम्मेदारी*

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड विकास के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़े, इसमें राज्य के हर व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। आप चाहे किसी भी क्षेत्र से जुड़े हों, अपने-अपने क्षेत्र में अहम योगदान कर राज्य को आगे ले जाने में अपनी भूमिका निभा सकते हैं। सामूहिक प्रयासों से ही झारखंड एक अग्रणी और मजबूत राज्य बनेगा।

*_शिक्षा व्यवस्था को देंगे मजबूती_*

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूती देने के लिए सरकार लगातार कार्य कर रही है। इस दिशा में पहले से ही कई योजनाएं चल रही हैं और आने वाले दिनों में कई और कदम उठाए जाएंगे । हमारी कोशिश शिक्षा व्यवस्था को समग्र रूप से उत्कृष्ट बनाना है, ताकि विद्यालयों को संसाधनयुक्त बनाने के साथ वहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों को बेहतर और आधुनिक शिक्षा मिल सके।

*_नेतरहाट आवासीय विद्यालय होगा को- एजुकेशन, नेतरहाट की तर्ज पर खुलेंगे तीन और विद्यालय_*

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर नेतरहाट आवासीय विद्यालय को को- एजुकेशन करने की घोषणा की। अब इस विद्यालय में लड़कियों का भी नामांकन होगा। उन्होंने कहा कि नेतरहाट आवासीय विद्यालय की तर्ज पर तीन और विद्यालय खोले जाएंगे। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि नेतरहाट आवासीय विद्यालय अब सीबीएसई से संबद्ध है और यहां विद्यार्थी अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई कर रहे हैं। इसके पीछे सरकार की यही कोशिश है कि सरकारी विद्यालय में पढ़ रहे बच्चे किसी भी मामले में निजी विद्यालयों के छात्रों से से पीछे नहीं रहें।

*_मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालयों में नामांकन की होड़_*

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जमाना कंपटीशन का है। लेकिन, इसमें किसी न किसी कमी अथवा समस्या की वजह से सरकारी विद्यालय पीछे रह जाते थे। लेकिन, हमारी सरकार अब सरकारी विद्यालय को बेहतर करने का कार्य कर रही है। इस कड़ी में मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय खोले गए हैं। यहां बच्चों को निजी विद्यालयों की तरह शिक्षा दी जा रही है। आज मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय में नामांकन के लिए होड़ मची है। कई निजी विद्यालय के बच्चे अब इन विद्यालयों में नामांकन करा रहे हैं , जो इस बात का प्रमाण है कि सरकारी विद्यालय अब किसी भी मामले में निजी विद्यालयों से काम नहीं हैं।

*_विद्यार्थियों को विभिन्न माध्यमों से कर रहे प्रोत्साहित_*

मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों को विभिन्न माध्यम से प्रोत्साहित करने का काम हमारी सरकार कर रही है। इस कड़ी में बोर्ड के सभी टॉपर्स को सम्मान राशि के साथ लैपटॉप और मोबाइल फोन दे रहे हैं, ताकि वे और भी बेहतर तरीके से आगे की पढ़ाई कर सकें। वहीं, विदेश में उच्च शिक्षा के लिए विद्यार्थियों को शत प्रतिशत स्कॉलरशिप दी जा रही है। इसके साथ गुरुजी क्रेडिट कार्ड योजना के तहत विद्यार्थियों को विभिन्न कोर्सेज को करने के लिए 15 लाख रुपए तक का शिक्षा लोन बिना किसी गारंटी के देने की व्यवस्था है। इसके अलावा विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं की राशि में व्यापक इज़ाफा किया गया है, ताकि बच्चों को पढ़ाई में ज्यादा से ज्यादा सहूलियत हो सके। इस दिशा में आने वाले दिनों में कई और नए कदम उठाए जाएंगे।

*_बोर्ड के विद्यार्थियों को समय पर मिलेगी सम्मान राशि_*

मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न बोर्ड के टॉपर्स को रिजल्ट प्रकाशन के तुरंत बाद सम्मान राशि उपलब्ध करायी जाएगी, ताकि उन्हें आगे की पढ़ाई हेतु नामांकन में आर्थिक संकट का सामना नहीं करना पड़े। विद्यार्थियों को मिलने वाली सम्मान राशि का समय पर सदुपयोग हो , इसके लिए यह कदम उठाए जा रहे हैं।

*_शिक्षकों को मिला नियुक्ति पत्र, मेधावी विद्यार्थी हुए सम्मानित_*

● मुख्यमंत्री ने समारोह में 33 नवनियुक्त स्नातकोत्तर प्रशिक्षित शिक्षक, 909 सहायक आचार्य ( गणित और विज्ञान) और 33 प्रयोगशाला सहायकों में कुछ को सांकेतिक रूप से नियुक्ति पत्र प्रदान किया।


● जैक, सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड के 10 वीं तथा 12 वीं के टॉपर्स को 3 लाख रुपये की सम्मान राशि के साथ लैपटॉप और स्मार्टफोन प्रदान किया गया । जैक बोर्ड के टॉपर्स को स्कूटी भी मिली।


● सीएम स्कूल ऑफ़ एक्सीलेंस के 10 वीं तथा 12 वीं के टॉपर्स को लैपटॉप और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।

● 10 वीं बोर्ड परीक्षा में शत- प्रतिशत रिजल्ट देने वाले विद्यालय भी हुए सम्मानित।

● राज्य सरकार द्वारा संचालित आकांक्षा कोचिंग के अंतर्गत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल विद्यार्थी किए गए सम्मानित।

● विद्यालय प्रमाणीकरण योजना अंतर्गत स्वर्ण श्रेणी में सफल विद्यालयों को किया गया सम्मानित।

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