

छात्रहित सर्वोपरि मंच के निरंतर प्रयासों की सफलता
छात्रहित सर्वोपरि मंच के लगातार और संगठित प्रयासों का परिणाम आखिरकार सामने आ गया है।18 एवं 19 अगस्त 2025 को ई-कल्याण पोर्टल की गंभीर तकनीकी त्रुटियों के कारण जिन छात्रों के आवेदन डिलीट हो गए थे, उनके सभी डेटा को विभाग द्वारा पुनः बहाल कर दिया गया है।
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🔎 तकनीकी समस्याएँ जो सामने आईं:
आवेदन के समय बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को
"Email ID already exists" एवं "UID already exists" जैसी त्रुटियों का सामना करना पड़ा।
अनेक छात्रों के आवेदन प्रोसेस के दौरान स्वतः अस्वीकृत हो गए।
पोर्टल की खराबी के कारण हजारों छात्र आवेदन प्रक्रिया से वंचित रह गए।
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📆 संगठन द्वारा उठाए गए कदम:
1. 18 सितंबर 2025
छात्रहित सर्वोपरि मंच के प्रतिनिधिमंडल ने
कल्याण सचिव एवं कल्याण आयुक्त को विस्तृत ज्ञापन सौंपकर समस्याओं से अवगत कराया।
2. 6 नवंबर 2025
एक बार फिर प्रत्यक्ष मुलाकात कर छात्रों की समस्या को गंभीरता से रखने के बाद
विभाग ने तत्काल तकनीकी समीक्षा की।
⏩ परिणाम:
लगातार फॉलो-अप और दबाव के बाद
प्रभावित छात्रों का पूरा डेटा सफलतापूर्वक पोर्टल पर वापस कर दिया गया है।
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🗂️ संशोधित सत्यापन तिथियाँ (केवल प्रभावित छात्रों के लिए):
प्रक्रिया | अंतिम तिथि
आईएनओ द्वारा आवेदन सत्यापन | 30/12/2025
डीएनओ द्वारा आवेदन सत्यापन | 31/12/2025
⚠️ महत्वपूर्ण:
यह तिथि केवल उन छात्रों के लिए बढ़ाई गई है जिनका डेटा 18–19 अगस्त 2025 को तकनीकी त्रुटियों के कारण डिलीट हुआ था।
पोर्टल दोबारा नहीं खोला गया है, बल्कि केवल प्रभावित छात्रों का डेटा बहाल किया गया है।
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🙏 विभाग को धन्यवाद
छात्रहित सर्वोपरि मंच की ओर से
कल्याण विभाग,
कल्याण आयुक्त,
कल्याण सचिव
का हृदय से धन्यवाद, जिन्होंने छात्रों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए समय पर समाधान सुनिश्चित किया।
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👥 संगठन के प्रमुख प्रतिनिधि एवं नेतृत्व की भूमिका:
इस पूरे संघर्ष को दिशा देने में संगठन का नेतृत्व हमेशा अग्रणी रहा है।
• राहुल कुमार राणा — प्रदेश अध्यक्ष
जो पूरे प्रदेश में छात्रों के अधिकारों की लड़ाई को एक सशक्त, स्पष्ट और निर्णायक नेतृत्व प्रदान करते हैं।
• आमिर हमज़ा — प्रदेश उपाध्यक्ष
जो नीति-निर्माण से लेकर जमीनी स्तर तक हर छात्र की समस्या को अपनी प्राथमिकता मानते हैं।
• कुणाल पोद्दार — प्रदेश संगठन प्रभारी
जो पूरे संगठन के विस्तार, अभियानों और आंदोलनों को मजबूत रणनीति के साथ आगे बढ़ाते हैं, जिनकी प्रतिबद्धता से मंच की पहुँच प्रदेशभर में और अधिक सशक्त हुई है।
• रईस अंसारी — प्रदेश सचिव
जो हर दस्तावेज़ी प्रक्रिया, संवाद और प्रशासनिक समन्वय को सुव्यवस्थित रूप से संभालते हैं।
इन चारों की संयुक्त नेतृत्व क्षमता, समर्पण और निरंतर प्रयासों ने
छात्रहित सर्वोपरि मंच को प्रदेशभर में एक विश्वसनीय और सशक्त छात्र संगठन के रूप में स्थापित किया है।
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छात्रहित सर्वोपरि मंच का संकल्प
हमारा संगठन हमेशा से और आगे भी
हर ज़रूरतमंद छात्र की आवाज़ बनेगा,
हर समस्या के समाधान के लिए संघर्ष करेगा।
"छात्रों का संघर्ष, छात्रों के लिए, छात्रों द्वारा"