

*⬤ मुख्यमंत्री ने कहा - पुलिस आधुनिकीकरण की दिशा में यह एक ऐतिहासिक मील का पत्थर: 25 वर्षों में पहली बार इतना बड़ा वाहन बेड़ा, जो जनता की सुरक्षा एवं विश्वास को और मजबूती प्रदान करेगा।*
*_‣ सशक्त पुलिस, सुरक्षित जनता — झारखंड में कानून-व्यवस्था को नई मजबूती_*
*_‣ धुर्वा अपहरण कांड में पुलिस की तत्परता: नाबालिगों की बरामदगी, बच्चा चोर गिरोह का हुआ पर्दाफाश_*
*■ श्री हेमन्त सोरेन, मुख्यमंत्री, झारखंड*
राज्य में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज झारखंड विधानसभा परिसर, रांची में आयोजित एक समारोह में झारखंड पुलिस को कुल 1,485 आधुनिक वाहनों का वितरण किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न जिलों में स्थापित होने वाले 12 नए थानों का ऑनलाइन शिलान्यास भी किया। उन्होंने रिमोट का बटन दबाकर इन नए थानों की आधारशिला रखी और हरी झंडी दिखाकर पुलिस के लिए आवंटित वाहनों को रवाना किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न श्रेणियों में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र भी प्रदान किए।

*_सशक्त पुलिस, सुरक्षित जनता — झारखंड में कानून-व्यवस्था को नई मजबूती_*
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक शांति, कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण की जिम्मेदारी पुलिस की है। इन्हें सुदृढ़ करने के लिए आधुनिक वाहनों का यह लोकार्पण एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में दर्ज होगा।
उन्होंने कहा कि नए वाहनों की उपलब्धता से पुलिस बल की गतिशीलता, प्रतिक्रिया क्षमता और क्षेत्रीय निगरानी में उल्लेखनीय सुधार होगा, जिसके परिणामस्वरूप घटनाओं पर त्वरित नियंत्रण संभव हो सकेगा। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि अपराध नियंत्रण, नागरिक सुरक्षा और पुलिस बल के आधुनिकीकरण के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है।
उन्होंने आशा व्यक्त की कि इन आधुनिक वाहनों और नए थानों की उपलब्धता से पुलिस की कार्यक्षमता, प्रतिक्रिया समय तथा क्षेत्रीय निगरानी तंत्र में गुणात्मक सुधार होगा, जिससे आम जनता को त्वरित एवं विश्वसनीय सुरक्षा सेवाएं सुनिश्चित की जा सकेंगी। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में राज्य में बेहतर निगरानी व्यवस्था विकसित होगी और अपराधी अपराध करने से पहले सौ बार सोचने को मजबूर होंगे।
*_धुर्वा अपहरण कांड में पुलिस की तत्परता: नाबालिगों की बरामदगी, बच्चा चोर गिरोह का हुआ पर्दाफाश_*
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य गठन के बाद पहली बार इतनी बड़ी संख्या में आधुनिक वाहनों का बेड़ा झारखंड पुलिस को एक साथ उपलब्ध कराया जा रहा है। यह 25 वर्ष पूरे कर चुके झारखंड के सफर में पुलिस आधुनिकीकरण की दिशा में एक मील का पत्थर है। उन्होंने कहा कि नई तकनीक से लैस वाहनों और संसाधनों के माध्यम से पुलिस विभाग अपने कार्य के नए आयामों को छूने के लिए निरंतर प्रयत्नशील है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में घटित घटनाओं को लेकर झारखंड पुलिस ने कई मामलों में त्वरित एवं सार्थक कार्रवाई की है, जिससे जनता का विश्वास मजबूत हुआ है।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने हाल ही में घटित एक जघन्य घटना का उदाहरण देते हुए कहा कि धुर्वा थाना क्षेत्र अंतर्गत दो नाबालिग बच्चों के अपहरण के मामले में झारखंड पुलिस की तत्परता और ईमानदार प्रयासों के परिणामस्वरूप बच्चों को शीघ्रता से बरामद किया गया तथा अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय बच्चा चोर गिरोह का पर्दाफाश भी किया गया। उन्होंने कहा कि ऐसे उदाहरण यह दर्शाते हैं कि झारखंड पुलिस नई तकनीक और नवाचार के साथ अपराध रोकथाम की दिशा में प्रभावी ढंग से कार्य कर रही है।
*_सशक्त पुलिस, सक्रिय जनता: कानून-व्यवस्था में सबकी भागीदारी जरूरी_*
मुख्यमंत्री ने आम नागरिकों से अपेक्षा की कि वे कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सकारात्मक सहयोग करें। उन्होंने कहा कि पुलिस के साथ-साथ हम सभी नागरिकों की भी जिम्मेदारी है कि समाज में बढ़ती आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए जागरूकता बढ़ाएं, समय पर सूचना दें तथा पुलिस के साथ समन्वित सहयोग स्थापित करें। उन्होंने कहा कि जनता और पुलिस के बीच विश्वास, संवाद तथा सहयोग की कड़ी जितनी मजबूत होगी, राज्य की कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था उतनी ही सुदृढ़ होगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपते हुए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपेक्षा व्यक्त की कि वे निष्ठा, ईमानदारी तथा संवेदनशीलता के साथ राज्य की सेवा में अपना योगदान देंगे। समारोह में उपस्थित सभी पुलिसकर्मियों का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि वे निष्ठा, संवेदनशीलता और तत्परता के साथ जनसेवा को सर्वोपरि रखते हुए कार्य करें तथा कमजोर और वंचित वर्गों की सुरक्षा को विशेष प्राथमिकता दें।

*_मुख्यमंत्री ने प्रथम चरण में कुल 636 पेट्रोलिंग वाहन एवं 849 दोपहिया वाहन विभिन्न जिलों और पुलिस थानों को सौंपे_*
झारखंड पुलिस के लिए राज्य सरकार द्वारा कुल 1255 पेट्रोलिंग वाहन और 1697 दोपहिया वाहनों को स्वीकृति प्रदान की गई है। इन स्वीकृत वाहनों में से प्रथम चरण में 636 पेट्रोलिंग वाहन तथा 849 दोपहिया वाहन विभिन्न जिलों एवं पुलिस थानों को आवंटित किए जा रहे हैं। यह आधुनिक वाहन बेड़ा गश्ती, क्विक रिस्पॉन्स, ग्रामीण क्षेत्रों में गश्त, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी और आपराधिक गतिविधियों पर त्वरित कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
*_इस अवसर पर झारखंड विधानसभा अध्यक्ष श्री रवीन्द्र नाथ महतो, मंत्री श्री राधाकृष्ण किशोर, श्री संजय प्रसाद यादव, डॉ. इरफ़ान अंसारी, श्रीमती दीपिका पांडेय, श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की, विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, प्रधान सचिव, गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग, श्रीमती वंदना दादेल, डीजीपी, श्रीमती तदाशा मिश्रा सहित झारखंड पुलिस के वरिष्ठ अधिकारीगण एवं विभिन्न विभागों के पदाधिकारीगण उपस्थित थे।