*राम रेखा धाम, सिमडेगा-झारखंड

झारखंड से राज्यसभा सांसद श्री परिमल नथवानी द्वारा पूछे गए एक अतारांकित प्रश्न के लिखित उत्तर में केंद्रीय पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि पर्यटन स्थलों एवं पर्यटन उत्पादों का विकास तथा उनका प्रचार-प्रसार मुख्य रूप से संबंधित राज्य सरकारों तथा केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन का दायित्व है। 

उन्होंने कहा कि पर्यटन मंत्रालय अपनी केंद्रीय क्षेत्र की योजनाओं- स्वदेश दर्शन (SD), स्वदेश दर्शन 2.0 (SD2.0), स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत चैलेंज बेस्ड डेस्टिनेशन डेवलपमेंट (CBDD) तथा तीर्थयात्रा कायाकल्प एवं आध्यात्मिक विरासत संवर्धन अभियान (प्रसाद) के माध्यम से राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को परियोजना प्रस्ताव, योजना दिशा-निर्देशों तथा निधियों की उपलब्धता के अनुसार पर्यटन अवसंरचना विकास के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करता है।

उन्होंने बताया कि झारखंड में स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत वर्ष 2018-19 में दलमा–बेतला राष्ट्रीय उद्यान–मिर्चैया–नेतरहाट इको पर्यटन परिपथ के विकास हेतु 30.44 करोड़ रुपये की परियोजना स्वीकृत की गई, जिसके लिए राज्य कार्यान्वयन एजेंसी को 30.44 करोड़ रुपये की राशि उपयोग के लिए अधिकृत की गई।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि चैलेंज बेस्ड डेस्टिनेशन डेवलपमेंट (CBDD) योजना के अंतर्गत वर्ष 2024-25 में रामरेखा धाम में पर्यटन अवसंरचना विकास परियोजना को आध्यात्मिक पर्यटन श्रेणी में 18.87 करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृति दी गई है। इसके लिए राज्य कार्यान्वयन एजेंसी को 1.89 करोड़ रुपये की राशि उपयोग के लिए अधिकृत किया गया है।

उन्होंने यह भी बताया कि प्रसाद योजना के अंतर्गत वर्ष 2018-19 में बाबा बैद्यनाथ धाम, देवघर के विकास के लिए 36.79 करोड़ रुपये की परियोजना स्वीकृत की गई थी। इस परियोजना के लिए राज्य कार्यान्वयन एजेंसी को 34.95 करोड़ रुपये की राशि उपयोग हेतु अधिकृत की गई है।

श्री शेखावत ने कहा कि पर्यटन मंत्रालय घरेलू एवं वैश्विक दोनों स्तरों पर झारखंड सहित भारत के पर्यटन स्थलों और पर्यटन उत्पादों का विभिन्न पहलों, आयोजनों तथा सोशल मीडिया के माध्यम से निरंतर प्रचार-प्रसार कर रहा है।


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