*Image credit IPRD, Jharkhand

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि बैंकर्स गरीब और गांव की जनता पर विश्वास करें। उन्हें ऋण देने में उदारता बरतें। वे मुफ्त में ऋण नहीं चाहते हैं, मेहनत करके पैसा लौटाते हैं। शत-प्रतिशत ऋण वापसी गरीबांे के द्वारा ही की जाती है। उन्होंने कहा कि गरीबों एवं किसानों को आर्थिक समृद्ध कर हम नए झारखंड एवं नए भारत का निर्माण कर सकेंगे। विकसित झारखंड के निर्माण में बैंक और नाबार्ड की भूमिका अहम है। मुख्यमंत्री आज झारखंड मंत्रालय में राज्य ऋण संगोष्ठी के दौरान बोल रहे थे। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रखंड स्तर पर कोल्ड रूम बनाने का काम कर रही है ताकि बागवानी और सब्जी उत्पादन करने वाले किसान अपनी फसल को सुरक्षित रख पाएं। राज्य सरकार आदिवासी बाहुल्य गांव में ट्राइबल विकास समिति तथा अन्य गांव में ग्राम विकास समिति के माध्यम से विकास कार्य का संचालन करेगी। समिति को सीधे राशि दी जाएगी। गांव के लोग ही गांव में क्रियान्वित होने वाली योजनाओं को लागू करेंगे। अपना गांव अपना काम की तर्ज पर सभी ग्रामीणों को गांव के विकास से जोड़ा जाएगा।

दास ने कहा कि देश के पिछड़े 30 जिलों में झारखंड के 6 जिले हैं। इस बार के बजट में राज्य सरकार इन जिलों को विकसित जिलों की श्रेणी में लाने के लिए विशेष प्रावधान करेगी। बैंक और नाबार्ड इन जिलों पर भी विशेष ध्यान दें। गांव, गरीब, और किसान महिलाएं इन सब के विकास से झारखंड का समुचित विकास होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में काफी अच्छे और मेहनतकश हस्तशिल्पी पाये जाते हैं। सरकार इन्हें प्रोत्साहित कर रही है। गांव में प्रखंड स्तर पर मॉडर्न हॉट तथा शहरों में अर्बन हाट बनाये जा रहे हैं। जहां कलाकार स्वनिर्मित उत्पाद को बेच सकेंगे। राज्य सरकार गांव को डिजिटल गांव बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। इसमें बैंकों की भूमिका महत्वपूर्ण है।

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि राज्य के सभी लोग जब मिलकर प्रयास करेंगे तभी तेजी से विकास हो सकेगा। राज्य के तीव्र विकास में बैंकों की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने वर्ष 2018-19 के लिए ऋण प्रवाह की राशि 22714 करोड़ से बढ़ाकर 30,000 करोड़ करने को कहा। उन्होंने राज्य के 24 जिलांे में 28000 आदिवासी परिवारों की आजीविका के लिए नाबार्ड द्वारा चलाए जा रहे 40 वाड़ी कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इससे आदिवासियों का संपूर्ण विकास हो सकेगा। साथ ही 22 जिलो में 28 जल छाजन कार्यक्रम के तहत 18641 हैक्टेयर में 24372 परिवारों के लिए चलाई जा रही योजना पर भी प्रसन्नता जताई। महिला सहायता समूहों के लिए ऋण बढ़ाने की जरुरत पर बल दिया। महिलाओं को रोजगार से जोड़कर उन्हें स्वांबलम्बी और समृद्धशाली बनाना सरकार की प्राथमिकता है। परिवार, गांव एवं राज्य के विकास में महिलाओं की भगीदारी महत्वपूर्ण है। देश के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किसानों की आय 2022 तक दुगनी करने का लक्ष्य रखा गया है। राज्य सरकार भी किसानों के आय को दोगुणी करने हेतु कृतसंकल्पित है।

कार्यक्रम में नाबार्ड के द्वारा तैयार स्टेट फोकस पेपर का विमोचन किया गया। साथ ही विभिन्न संगठनों के बीच माइक्रो ंएटीएम, रुपे कार्ड, केसीसी, स्मार्टफोन आदि का वितरण किया गया।

बैठक में मुख्य सचिव राजबाला वर्मा, विकास आयुक्त अमित खरे, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजय कुमार, नाबार्ड के सीजीएम एस0मण्डल, डीजीएम ए0के0 सारंगी सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।
 

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