Images : IPRD, Jharkhand

उज्ज्वल कल के लिए बालिकाओं का सशक्तिकरण, यही है मुख्यमंत्री सुकन्या योजना का मूल उदेश्य। राष्ट्रीय बालिका दिवस की शुभकामनाएं। आज के दिन मुख्यमंत्री सुकन्या योजना की शुरुआत कर मुझे खुशी है। ये नारी शक्ति राज्य की शक्ति है, 4 वर्ष के विकास में नारी शक्ति के योगदान को नकारा नहीं जा सकता। यह राज्य की शक्ति है। राज्य की बच्चियां शिक्षित होंगी तो तो परिवार में संस्कार का संचार होगा। आज लड़कियां किसी से किसी भी क्षेत्र में कम नहीं। हर जगह उनकी बराबर की भूमिका दिख रही है। खेल के क्षेत्र में सबसे ज्यादा मेडल लाने का कार्य लड़कियों ने किया है। बेटी हमारा गौरव है बेटी हमारा अभिमान है। इस सोच के साथ सभी अभिभावकों को कार्य करने की जरूरत है। बेटा और बेटी में विभेद ना करें। उपरोक्त बातें मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कही । दास गुरुवार को चाईबासा के टाटा कॉलेज मैदान में मुख्यमंत्री सुकन्या योजना के शुभारंभ कार्यक्रम में कही। 

जन जन तक इस योजना को पहुंचायें
रघुवर दास ने कहा कि योजना तो लागू हो चुकी है अब हम सब भी अपनी साझी भागीदारी निभाएं और जन जन तक इस योजना का संप्रेषित करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुकन्या योजना का लक्ष्य बच्चियों को सशक्त करना, उनमें आत्मविश्वास का संचार करना, बाल विवाह रोकना और सबसे खास उन्हें शिक्षित कर स्वावलंबन की ओर अग्रसर करना है। योजना तहत जन्म लेने वाली बच्ची की माँ के बैंक खाते में 5 हजार रुपये जमा कर दिए जाएंगे। पहली कक्षा में नामांकन के समय 5 हजार, 5वीं, 8वीं, 10वीं और 12वीं में 5-5 हजार सरकार द्वारा बैंक खाते में जमा किया जाएगा। जब बेटी 18 साल की होगी तो 10 हजार रुपये दिये जायेंगे। इस तरह जन्म से लेकर 20 वर्ष तक आयु तक 7 किस्तों में 40 हजार रुपये की अनुदान राशि दी जाएगी। अगर बिटिया शादी करना चाहे तो मुख्यमंत्री कन्यादान योजना तहत 30 हजार रुपये मिलेंगे। झारखण्ड के 27 लाख परिवार इस योजना से आच्छादित होंगे।

अगर कम उम्र में शादी के लिए दबाव बनाए तो 181 में सूचना दें बच्चियां
मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रूण हत्या पाप है। राज्य का लिंग अनुपात ठीक है लेकिन दोनों को समतुल्य बनाना है। आदिवासी समाज के लोग बेटा और बेटी में भेद नहीं करते हैं लेकिन पढ़े लोगों में यह ज्यादा देखने को मिलता है। चिकित्सक भी इस बात का ध्यान रखें वे अल्ट्रासाउंड के माध्यम से इसकी जानकारी किसी को ना दें अन्यथा आप दोषी ठहरा कर जेल जाने के भागी होंगे। आप यह पाप ना करें। मुख्यमंत्री ने बच्चियों से अपील किया कि अगर कोई आपकी शादी कम उम्र में करना या कराना चाहे तो 181 में इसकी जानकारी दें।
 

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूल शिक्षकों के लिए नहीं बल्कि बच्चों के लिए खोला गया है। हर विषय के शिक्षक स्कूल में रहें यह सुनिश्चित किया जा रहा है। सुदूरवर्ती ग्रामीण व पहाड़ी क्षेत्र के स्कूलों का विलय ध्यान में रख कर किया जाएगा। मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य भी जल्द प्रारंभ होगा। मैं शासन करने नहीं सेवा करने आया हूँ जनता के हित में जो बदलाव करना होगा करूंगा।

प्रति एकड़ किसानों को 5 हजार रुपये, कृषि कार्य मे होगा सहायक
रघुवर दास ने कहा कि मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना के तहत किसान भाई बहनों को प्रति एकड़ पांच हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इस योजना के दायरे में 5 एकड़ और एक एकड़ से कम जमीन के किसान आएंगे। उक्त अनुदान की राशि किसानों को खाद, बीज व अन्य कृषि कार्य हेतु उपयोगी चीज खरीद सकेंगे। इस योजना पर सरकार 2 हजार 250 करोड़ रुपये खर्च करेगी। आज राज्य को इस बात का गर्व है कि 2014 में जो कृषि विकास दर -4.5% थी वह बढ़कर +14% हो गया। किसानों के उत्साह को देखकर राज्य सरकार ने 100 किसानों को इजरायल भेजा और आधुनिक कृषि प्रणांली से अवगत कराया। हर वर्ष 100 किसानों को इजरायल और फिलीपींस भेजा जाएगा। ताकि राज्य के किसान समृद्ध हो सकें। अन्नदाता के चेहरे पर मुस्कान लाना सरकार का लक्ष्य है।

नगर विकास मंत्री सीपी सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री सुकन्या योजना का शुभारंभ कोलहान की धरती से हो रहा है। थे इस बात का प्रमाण है कि हम जो कहते हैं वो करते हैं। जिसका प्रमाण है आज का यह कार्यक्रम। मुख्यमंत्री सपने दिखाते नहीं बल्कि उसे पूरा भी करते हैं। सरायकेला भ्रमण के दौरान हर घर शौचालय और बिजली देखा हूँ। आप से आग्रह है कि दिन में जलते बल्ब को बंद रखें। सरकार ने 4 साल में 30 लाख घरों तक बिजली पहुँचा दी है जो काम आज़ादी के बाद नहीं हुआ।

सांसद लक्ष्मण गिलुआ ने कहा कि विगत 4 वर्ष में महिला और बालिका कल्याण हेतु कई कार्य और योजनाओं को संचालित किया गया है। मुख्यमंत्री सुकन्या योजना राज्य की बालिकाओं की समृद्धि का कारक बनेगा। उसी तरह मुख्यमंत्री कृषि समृद्धि योजना के तहत किसानों का लाभान्वित करने का कार्य हो रहा है।

मुख्यमंत्री सुकन्या योजना के तहत पूरे राज्य से 87 हजार आवेदन प्राप्त हुए। 3 जनवरी 2019 को योजना को कैबिनेट में स्वीकृति मिली, 4 जनवरी को संकल्प पत्र जारी हुआ और आज 21 दिन बाद योजना का शुभारंभ कोल्हान की धरती से हुआ। कोल्हान प्रमंडल में कुल 15 हजार 61 आवेदन प्राप्त हुए, 6 हजार 700 स्वीकृत हुए, लगभग 5 हजार लाभुकों का चयन हुआ और 2.50 करोड़ की राशि का भुगतान किया गया।

मुख्यमंत्री ने सुकन्या योजना के तहत चाईबासा की अंकिता पूर्ति, ऐरा करवा, कांति हेम्ब्रम, सुखमती कुदादा, गीता देवगाम, तृप्ति विश्वकर्मा, मंजू खनदैत पूर्वी सिंहभूम की राधिका सबर, रिंकी गोप, इना भगत, भवानी केवट, सरायकेला की भाग्यवती बेहरा, प्रियंका पडीहरी और संतोषी सरदार को प्रमाण पत्र सौंपा।
स्वागत संबोधन आयुक्त कोल्हान प्रमंडल विजय कुमार सिंह व धन्यवाद ज्ञापन उपायुक्त चाईबासा श्री अरवा राजकमल ने दिया।

इस अवसर पर नगर विकास मंत्री सीपी सिंह, सांसद लक्ष्मण गिलुआ, विधायक दीपक बिरुवा, विधायक साधुचरण महतो, सचिव महिला बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विकास अमिताभ कौशल, बाल संरक्षण आयोग की अध्य्क्ष आरती कुजूर, जेबी तुबिद, पुलिस उप महानिरीक्षक कुलदीप दिवेदी व अन्य उपस्थित थे।

support jharkhand state news

If you value our journalism, consider making a voluntary contribution to help us continue bringing news, stories and information to our readers.

Scan the QR code to contribute

Support Jharkhand State News via UPI

Every contribution, big or small, is appreciated.

must read