कश्यप मेमोरियल आई हॉस्पिटल एवं रामचंद्र चंद्रवंशी वेलफेयर ट्रस्ट के संयुक्त तत्वधान में 12 फरवरी 2018 को सोहरी चंद्रवंशी हॉस्पिटल, नवाडीह, काला, बिश्रामपुर, पलामू में निःशुल्क नेत्र जाँच शिविर का आयोजन किया गया।

कैंप में भारी बरसात और ठंड के बावजूद भी 1000 से ज्यादा मरीजों की भीड़ उमड़ी जिसमें 300 के करीब मरीज मोतियाबिंद से ग्रस्त मिले, इनमें से जिन मरीजों में ब्लड प्रेशर एवं डायबिटीज  की शिकायत पाई गयी उनकेआंखों के पर्दे की जांच की जा रही है| मोतियाबिंद के लिए चयनित सभी मरीजों में प्रत्यारोपित होने वाले लेंस का पॉवर ए-स्कैन की जा रही है । सभी तरह से सर्जरी के लिए उपयुक्त मरीजों को 13 तारीख को फेको पद्धति से मोतियाबिंद का ऑपरेशन देश के प्रख्यात नेत्र चिकित्सक डॉ. भारती कश्यप एवं डॉ. बी. पी. कश्यप के अलावा डॉ. प्रीतिश प्रोणय एवं डॉ. सुनील कुमार द्वारा किया जायेगा |

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डॉ. भारती कश्यप (फाउंडर डायरेक्टर कश्यप मेमोरियल आई हॉस्पिटल) ने बताया की इस कैंप में ऑपरेशन में अत्याधुनिक फेको मशीनों का इस्तेमाल किया जायेगा। उन्होंने बताया की माननीय स्वास्थ्य मंत्री के आग्रह पर राँची के कश्यप मेमोरियल आई हॉस्पिटल की टीम पलामू के दूरदराज के इलाके में दृष्टि दान के लिए आयी है। उन्होंने बताया की पिछले चालीस वर्षो तक लगातार निःशुल्क मोतियाबिंद कैंप का आयोजन पलामू एवं गढ़वा में कश्यप परिवार के द्वारा किया गया है। पुरे झारखण्ड के नक्सल प्रभावित इलाकों जैसे सारंडा एवं सरयू एक्शन प्लान के सभी गाँवों, खूंटी, राँची, चाईबासा, साहेबगंज, दुमका इत्यादि जगहों में सफलता पूर्वक कैंप का आयोजन किया जा चूका है। आगे भी झारखण्ड के अन्य दूरदराज के इलाकों में हम इसे जारी रखेंगें। 

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फेको पद्दति द्वारा ऑपरेशन गाँव के मरीजो के लिए वरदान :

फेकू मोतियाबिंद शिविर गांव के मरीजों के लिए जरूरत है क्योंकि गांव में किसान होते हैं दिहाड़ी मजदूर होते हैं उनको ऑपरेशन के बाद जल्द काम पर वापस जाना होता है उनको इस तरह के ऑपरेशन की जरूरत होती है जिसमें ऑपरेशन के बाद कम से कम समय तक दवा चले एवं घाव भी भर जाए क्योंकि वह ज्यादा समय तक घर पर बैठकर आराम नहीं कर सकते हैं।

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