कोरोना जैसी वैश्विक महामारी या कोई अन्य कारण झारखण्ड के बच्चों की शिक्षा को बाधित न कर सके, इस सोच के साथ मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के निर्देश पर स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा शुरू की गई झारखण्ड डिजि स्कूल मोबाइल एप्लिकेशन अब बच्चों की पढ़ाई में सहायक हो रहा है। 

राज्य के 45 हजार स्कूलों में पहली से 12वीं कक्षा में पढ़ाई कर रहे करीब 75 लाख बच्चों को समय की मांग के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान  करने की दिशा में कार्य शुरू हो चुका है। झारखण्ड डिजि स्कूल मोबाइल एप्लिकेशन में अबतक सात लाख बच्चे निबंधन करा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर रहें हैं।

*क्या है डिजि ऐप

झारखण्ड डिजि स्कूल ऐप का लाभ यू- डाइस में निबंधित सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त एवं निजी स्कूल में अध्ययनरत बच्चों को मिल रहा है। ऐप को डाउनलोड करने के लिए गूगल प्ले स्टोर में जाकर वहां से झारखण्ड डिजि स्कूल ऐप को इंस्टॉल करना होगा और कंटिन्यू बटन क्लिक करते ही, लॉग इन स्क्रीन पर खुद को बच्चे रजिस्टर कर सकेंगे । इस प्रक्रिया में बच्चों को अपने जिला, प्रखंड, स्कूल, क्लास, अपना नाम और मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा। इसके उपरांत सिर्फ मोबाइल नंबर डालकर ऐप पर लॉगिन किया जा सकता है।

 लॉगिन होते ही, कंटेंट ऑफ द डे, क्विज ऑफ द डे एवं ऑल कांटेक्ट दिखाई देगा। अध्ययन के लिए विषयवार सामग्री उपलब्ध होंगी। बच्चे अपनी जरूरत के अनुरूप कंटेंट का चयन कर सकेंगे। 

ऐप की बाईं ओर तीन लाइन पर क्लिक करने से बच्चों का नाम एवं स्कूल दिखाई देगा। बच्चे माई प्रोफ़ाइल पर क्लिक कर कक्षा एवं विद्यालय को परवर्तित कर सकते हैं। ऐप में भाषा चुनने की भी सुविधा मिलेगी। बच्चों को अध्ययन के लिए यू ट्यूब वीडियो भी उपलब्ध होगा। वीडियो देखने के क्रम में बच्चे अपनी प्रतिक्रिया भी दर्ज कर सकेंगे। वह अपने सीखने के स्तर की जांच भी ऐप के माध्यम से कर सकेंगे। 

ऐप में बच्चों के लिए मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षा की तैयारी के लिए मॉडल प्रश्न पत्र उपलब्ध होंगे । ऐप के शुभारंभ के पूर्व विभाग द्वारा बच्चों को निःशुल्क पुस्तक उपलब्ध करा दी गई है। इस तरह पहली से 12वीं तक के बच्चों की पढ़ाई महामारी के दौर में भी प्रभावित नहीं होगी और उनके सपनों को साकार करने में झारखण्ड डिजि ऐप एक सारथी की भूमिका निभाएगा।

support jharkhand state news

If you value our journalism, consider making a voluntary contribution to help us continue bringing news, stories and information to our readers.

Scan the QR code to contribute

Support Jharkhand State News via UPI

Every contribution, big or small, is appreciated.

must read