*Image credit Ratan Lal

कलाकृति स्कूल ऑफ़ आर्ट्स डोरंडा एवं हटिया सेंटर और कलाकृति आर्ट फाउंडेशन द्वारा होली पर्व के अवसर पर संस्था के बच्चों ने अनोखे अंदाज़ में दिया होली का सन्देश | होली के पूर्व बच्चों ने 50 फीट लम्बी पिचकारी बना कर उसमें होली में सूखे रंगों का प्रयोग कर पानी की बर्बाद न करने का आग्रह किया  |

होली में पानी की कम से कम बर्बादी हो ये हम सब की जिम्मेवारी है | हर वर्ष होली के अवसर पर रंगों से खेलने और छुड़ाने में लाखों गैलेन पीने योग्य पानी की बर्बादी होती है | साथ ही साथ हानिकारक रंगों से त्वचा एवं आँखों को नुकसान हो सकता है | इस अवसर पर सभी बच्चों ने होली पर्व को सूखे रंगों और अबीर गुलाल के मनाने का संकल्प लिया | डोरंडा कन्या पाठशाला स्थित में आयोजित कार्यक्रम में संस्था के लगभग 250 छात्रों ने हिस्सा लिया | इस अवसर पर कलाकृति के निदेशक एवं कला शिक्षक धनंजय कुमार ने बच्चों को होली पर्व में पानी बर्बाद नहीं करने का आग्रह किया | उन्होंने कहा की हमें आज की ख़ुशी कल होने वाले समस्याओं को ध्यान में रख कर मानना चाहिये | गर्मी के मौसम ने दस्तक दे दी है ,घटता भूजल स्तर ने पहले से ही चिंता बधाई हवी है | गर्मी से पहले ही नदियाँ एवं तलब पोखर सुख रहे हैं | हम अगर आज पानी की बर्बादी को रोकेंगें तभी हम पानी की किल्लत की समस्या से अपने के बचा पाएंगे | हमारे द्वारा इन छोटे छोटे प्रयासों से लाखों गैलेन पानी हम बर्बाद होने से रोक सकेंगे |

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कलाकृति स्कूल ऑफ़ आर्ट्स डोरंडा एवं हटिया केन्द्रों के द्वारा विगत 17 वर्षों से बच्चों एवं युवाओं को कला के क्षेत्र आगे बढ़ने हेतु प्रेरित कर रही है| यहाँ निर्धन छात्रों को कलाकृति आर्ट फाउंडेशन के सहयोग से निशुल्क चित्रकला की शिक्षा दी जाती है | यहाँ से शिक्षा प्राप्त छात्र छात्राएं आज भारत के नामी कला महाविद्यालाओं में अपनी कला प्रतिभा को नयी ऊंचाई दे रहे हैं | बहोत से बच्चे फिल्म , एनीमेशन, कला शिक्षक के रूप में अपना करियर हासिल किया है | इस कार्यक्रम को सफल बनाने संस्था उपनिदेशक रजनी कुमारी, सीमा प्रकाश, हर्ष, हर्षिता, सना काजमी, सृष्टी, आरती, कोमल, विकास, अनिकेत, ब्यूटी, नेहा आदि का सहयोग रहा |  

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