आज यहाँ राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में झारखण्ड के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में औरतों के बीच श्रेष्ठ सामाजिक कार्य करने के लिए प्रख्यात नेत्र चिकित्सक डॉ. भारती कश्यप को राष्ट्रपति महोदय के द्वारा वर्ष 2017 का ‘नारी शक्ति सम्मान’ प्रदान किया गया।  पुरस्कार में उन्हें प्रशस्ति पत्र के साथ साथ एक लाख रुपये की राशि प्रदान की गयी।  महिला एवं  बाल विकास मंत्रालय, महिलाओं और संस्थानों द्वारा विशेष रूप से कमजोर और दुर्लभ महिलाओं के लिए विशिष्ट सेवाएं प्रदान करने के लिए किए गए प्रयासों को पहचानने के लिए हर वर्ष विश्व महिला दिवस के अवसर पर “नारी शक्ति पुरुस्कार” प्रदान करती है’| 

इस अवसर पर डॉ. भारती कश्यप ने कहा कि यह मेरे लिए बहुत गौरव का क्षण है।  यूँ तो मेरे कार्य को देश-विदेश मे काफी सराहना और सम्मान मिला है लेकिन आज अपने देश के प्रथम व्यक्ति के हाथों यह सम्मान पाकर मैं अभिभूत हूँ! ऐसा लग रहा है जैसे उन तमाम आदिम जाति और जनजाति के साथ साथ कमजोर वर्ग की महिलाओं के दुआ में उठे हाथ एक साथ मुझे आशीष दे रहे हैं।  मैं बहुत विनम्रतापूर्वक कहना चाहती हूँ कि मैंने तो अपने कर्तव्य का एक बेहद छोटा सा अंश पूरा किया है।  जो कुछ भी कर पायी हूँ वह उस परम सत्ता की प्रेरणा से ही सम्भव हो पाया है।  आगे मुझे इसी प्रकार लोगों का प्यार और ईश्वर की प्रेरणा मिलती रही तो मैं अपनी क्षमता के अनुरूप कुछ और बेहतर करने का प्रयास करुँगी। 

यहाँ यह उल्लेखनीय है कि झारखण्ड से आयीं डॉ. भारती कश्यप ने संयुक्त झारखण्ड-बिहार में कश्यप मेमोरियल आई हास्पिटल तथा कश्यप आई बैंक के बैनर तले अपने चिकित्सिय जीवन की शुरुआत की थी।  अस्पताल में आनेवाले मरीजों के हालात और उनकी मजबूरियों को करीब से देखने के बाद उनके अन्दर अपने काम को सामाजिक सरोकार से जोड़ने की ईच्छा जगी।  खास कर सुदूर बसने वाले आदिम जाति और जनजातियों को खनन और अन्य प्रदूषणजनित समस्याओं से जूझते और अंधत्व का शिकार होते देखकर इनके हृदय में संवेदना प्रबल होती गयी और इन्होंने निःशुल्क आई कैम्पों का शुभारम्भ किया।  फिर तो कैम्पों में नेत्रों की जाँच और कश्यप मेमोरियल आई हास्पिटल में लाकर जरुरतमंदों का आॅपरेशन, चश्मे का वितरण आदि का एक सिलसिला सा चल निकला जो वर्षों से आज भी जारी है।  सारण्डा, खूंटी, लातेहार, गढ़वा, राँची आदि कई जिलों के सैकड़ों गांवों के लाखों लोगों को दृष्टि का अमूल्य उपहार देने में डॉ. भारती कश्यप अग्रणी रही हैं।  स्कूल छात्राओं, वंचित वर्ग तथा ट्रक ड्राईवर जैसे नेत्र के उपयोग से जीवन-यापन करनेवाले लोगों के लिए आपने जो काम किया है वह निश्चय ही पुरस्कार के योग्य रहा है।  हाल ही में आपने महिलाओं के लिए विशेष अभियान आरम्भ किया है।  जिस प्रकार नेत्र दान को बढ़ावा देने के लिए आप प्रति वर्ष ‘रन फार विजन’ का आयोजन कर जागरुकता फैलाने का काम कर रही हैं वैसे ही आपने महिलाओं में होनेवाले सरवाईकल कैंसर के प्रति जागरुकता फैलाने का काम भी किया है।  आपने सरवाईकल कैंसर के ईलाज के लिए कई कैम्प लगाये हैं।  इन कैम्पों में विशेषज्ञों ने सरवाईकल कैंसर के प्राथमिक स्तर की पहचान कर सैकड़ों महिलाओं का ईलाज किया और उन्हें मौत के मुंह से खींच लाया है।

डॉ. भारती कश्यप के सामाजिक सरोकार और अंधत्व के खिलाफ उनके जंग की प्रतिबद्धता न सिर्फ प्रणम्य है वरन् झारखण्ड के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।  देश का सर्वश्रेष्ठ नारी शक्ति सम्मान उन्हें दिया जाना समीचीन और सार्थक माना जाना चाहिए।
 

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