* फोटो सौजन्य आईपीआरडी, झारखंड

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि दिव्यांग हमारे दया या करूणा के पात्र नहीं बल्कि हमारे लिए कर्तव्य के पात्र होने चाहिए। इनका लालन-पालन केवल परिवार की जिम्मेवारी न होकर समाज-राज्य की जिम्मेवारी होनी चाहिए। इन्हें समानभाव से देखने की जरूरत है। शारीरिक क्षमता में कमी होने के बाद भी दिव्यांगों ने हर क्षेत्र में अपनी पहचान बनायी है। राज्य सरकार दिव्यांगों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। इनके विकास के लिए दिव्यांग ट्रस्ट बनाया जायेगा। जीसमें राज्य सरकार दो करोड़ रुपये देगी। रघुवर दास विश्व दिव्यांग दिवस समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करनेवाले दिव्यांगजनों को सम्मानित करने के बाद लोगों को संबोधित कर रहे थे। 

दास ने कहा कि दिव्यांग ट्रस्ट में कारपोरेट घराने भी सीएसआर के तहत कुछ राशि का सहयोग करें। उनके साथ ही राज्य के धनवान और सामर्थ्य लोग भी दिल खोलकर मदद करें। इस राशि को दिव्यांगों के कल्याण पर खर्च किया जायेगा। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिव्यांगों को सरकारी नौकरी में चार प्रतिशत का आरक्षण दिया जा रहा है। सरकार सामान्य श्रेणी के परीक्षार्थियों की तुलना में दिव्यांग परीक्षार्थियों के लिए कट ऑफ मार्क में कमी करने की दिशा में काम कर रही है। इसके अलावा दिव्यांगजनों का कौशल विकास कर उन्हें रोजगार से जोड़ा जा रहा है। इन सब प्रयासों से वे तेजी से समाज व देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभा पायेंगे। उन्होंने सरकारी अधिकारियों को कहा कि दिव्यांगों का काम सेवा भाव से करें। केवल नौकरी करने के हिसाब से काम न करें। संवेदनशीलता के साथ काम करने से दिव्यांग बच्चों के जीवन में काफी सुधार आ जायेगा। इससे जो संतुष्टि मिलेगी, वो किसी और काम से नहीं मिलेगी। आपके काम से दिव्यांगजनों के चेहरे पर जो मुस्कुराहट आयेगी, वो आपको काफी संतोष प्रदान करेगी। सेवा से ही शांति मिलती है।

कार्यक्रम में समाज कल्याण मंत्री लुईस मरांडी ने विभाग द्वारा चलायी जा रही योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि राज्य के छह जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्रों को फिर से सक्रिय किया गया है। दिव्यांग बच्चों को पढ़ाई के साथ ट्रेनिंग दिलाने का काम भी किया जा रहा है। समारोह में अपने गाने से मनमोहने वाले दो बच्चे नेहा पांडेय और धीरज कुमार को मुख्यमंत्री ने अपने विवेकानुदान से 51-51 हजार रुपये की सम्मान राशि देने की घोषणा की। 

कार्यक्रम में विकास आयुक्त अमित खरे, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजय कुमार, समाज कल्याण विभाग के प्रधान सचिव मुखमीत सिंह भाटिया, राज्य निशक्तता आयुक्त सतीश चंद्रा  समेत बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

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