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मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि सरकार का ध्येय समाज के हर तबके के लोगों को साथ लेकर आगे बढ़ने का है। गैर ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी भूमि के लीज नवीकरण के कार्य को अमलीजामा पहनाने के लिए राज्य सरकार के पदाधिकारियों की टीम ने देश के कई राज्यों का दौरा करके वहां कार्यरत प्रणाली का अध्ययन किया। अन्य राज्यों में प्रचलित दरों का तुलनात्मक अध्ययन करने के बाद सर्वाधिक सरलीकृत प्रणाली और न्यूनतम मूल्य को झारखंड के लिए अपनाया गया है। अदायगी की अवधि को विस्तृत रखा गया है जिससे कि हर तबके के लोग इस राशि को देकर अधिकृत बस्तियों के दर्जे का सम्मान प्राप्त कर सकें। 

उन्होंने कहा कि आज का दिन बिरसा नगर क्षेत्र के लोगों के साथ-साथ उन सभी लोगों के लिए अविस्मरणीय है जो गैर कंपनी क्षेत्र में बरसों से अपने खून पसीने की गाढ़ी कमाई से निर्मित घरों में रह रहे थे और जिनको आज तक अनाधिकृत बस्ती के रूप में संबोधित किया जाता था। आज इस कैंप के माध्यम से झारखंड की तमाम वैसी बस्तियां जो 1/1/85 के पूर्व या 30 वर्ष पूर्व से बसी हुई है उन्हें अधिकृत करने के सरकार के निर्णय की शुरूआत आवेदन पत्र वितरण के साथ हो रहा है। मुख्यमंत्री दास आज जमशेदपुर के  बिरसानगर के गुड़िया मैदान में अवस्थित बिरसानगर सामुदायिक भवन में गैर ग्रामीण क्षेत्र में सरकारी भूमि के लीज बंदोबस्ती कैंप के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं मानता हूं कि मैं मुख्यमंत्री बना हूं तो मुख्यमंत्री पद को सुशोभित करने के लिए नहीं। बल्कि जनता ने आसान काम करने के लिए मुझे अपना प्रतिनिधि और मुख्य सेवक बनाया है। राज्य में बरसों से लंबित समस्याएं और जटिल मुद्दों पर  सरकार ने प्रतिबद्ध होकर जन हित को सर्वोपरि रखते हुए निर्णय लिए हैं  स्थानीय नीति को परिभाषित करना, खास महल के लीज नवीकरण को सुलझाना और सरलीकृत करना, ग्रामीण क्षेत्र में भूमिहीन गरीब भूमिहीन किसानों को 12.5 डिसमिल जमीन देना, भूमिहीन किसानों को 5 एकड़ जमीन खेती हेतु देने जैसे कुछ महत्वपूर्ण निर्णय सरकार ने लिए हैं। मुख्यमंत्री ने उपस्थित जन समुदाय को आवेदन पत्र भरने से संबंधित निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि ब्लॉक ऑफिस में जाकर भी फॉर्म को जमा कर सकते हैं। रेवेन्यू विभाग की वेबसाइट अथवा फोटो कॉपी करके भी फार्म को भर कर जमा कर सकते हैं। फॉर्म को भरने के बाद इसे जिला के द्वारा राज्य सरकार के पास अनुमोदन हेतु भेजा जाएगा। तब राज्य सरकार के द्वारा लीज़ दिये जाने का काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बरसों से क्षेत्र के लोगों की जो मांग थी कि उन्हें अधिकृत बस्तियों का दर्जा दिया जाए वह पूरी होगी। इससे आपको आवासीय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र बनाने की सुविधा प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि आप सीधे सरकार की लीज में आएंगे यह सबसे बड़ी उपलब्धि है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोग क्षणिक स्वार्थ के लिए भोले भाले लोगों को गुमराह करने और दुष्प्रचार करने का काम न करें। उन्होंने कहा कि सरकार आप को सम्मान देने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि जनता सरकार के निर्णय को अमली जामा पहनाने में बढ़-चढ़कर सहभागी बनें और अपना हक प्राप्त करें। आवेदन पत्र भरने में किसी भी प्रकार की समस्या के समाधान के लिए जिला प्रशासन के अधिकारी गण उपस्थित रहेंगे। साथ ही मुख्यमंत्री ने बस्ती विकास समिति के सदस्यों से आग्रह किया कि वे अपनी-अपनी टोलियों में जाकर आवेदन पत्र भरवाने में लोगों की सहायता करें। ताकि जल्द से जल्द बिरसा नगर का फॉर्म भरने के बाद यदि कोई कमियां होंगी या कोई सुधार करना होगा तो राज्य सरकार के स्तर पर उन्हें सुधारने का काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जमशेदपुर के 11 स्थलों में एक साथ कैंप लगाए जाएंगे ताकि जमशेदपुर की बस्तियों की समस्या को यथाशीघ्र समाप्त कर सकें।

उपायुक्त अमित कुमार ने कहा कि झारखंड सरकार ने निश्चित रूप से यह ऐतिहासिक निर्णय लिया है और इस निर्णय के आलोक में लंबे समय से संचित जन आकांक्षाओं और अपेक्षाओं को पूरा करने का काम होगा। उन्होंने कहा कि लीज बंदोबस्ती हेतु सर्वप्रथम कैंप बिरसानगर  क्षेत्र में आयोजित किया गया है यह कैंप 1 सप्ताह तक इसी स्थान पर कार्यरत रहेगा। तमाम राजस्व विभाग के  कर्मी एवं पदाधिकारी गण लोगों के सहायतार्थ तत्पर रहेंगे। कार्यालय में पूर्वाह्न 10:00 बजे से अपराह्न 5:00 बजे तक लोग अपने आवेदन पत्र भर सकते हैं साथ ही यहां पर पत्र की जानकारी तथा आवेदन भरने के दौरान समस्याओं का निराकरण भी किया जाएगा जिससे कि सरकार के निर्णय के अनुरूप लोगों को अपना हक मिल सके।  

इस अवसर पर भूमि सुधार एवं राजस्व विभाग के परामर्शी पदाधिकारी धर्मेंद्र पांडे, पूर्वी सिंहभूम के वरीय आरक्षी अधीक्षक अनूप बिरथरे, उप विकास आयुक्त बी. माहेश्वरी  अन्य पदाधिकारीगण, बस्ती विकास समितियों के अध्यक्ष तथा सदस्यगण तथा बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।
 

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