विश्व कौशल दिवस पर विवेकानंद नवयुवक संघ तमाड़ तथा यूथ आर्गेनाइजेशन फोर कम्युनिटी डिवेलपमेंट* के संयुक्त प्रयास से वेबिनार (गुगल मीट) का आयोजन किया गया ।

जिसमें युवाओं को कौशल विकास के प्रति जागरूक करने के लिए हर साल 15 जुलाई को *वर्ल्ड यूथ स्किल्स डे* मनाया जाता है। इस वर्ष वर्ल्ड यूथ स्किल्स डे की थीम *'यूथ स्किल्स पोस्ट-पेन्डेमिक'* रखी गई है। जिसका अर्थ है महामारी में भी युवा अपनी स्किल्स को बढ़ा सकते हैं।

विश्व युवा कौशल दिवस का महत्व सभी के जीवन में सबसे महत्वपूर्ण है। जो युवाओं को रोजगार के अवसर विकसित करने के लिए प्रेरित करता है तथा इस तथ्य को पहचानने के लिए मनाया जाता है कि यदि युवा कौशल प्राप्त करते हैं, तो यह रोजगार के संबंध में सूचित विकल्प बनाने की उनकी क्षमता को बढ़ाएगा। इसके अलावा, वे बदलते श्रम बाजारों तक भी पहुंच प्राप्त कर सकते हैं और उन्हें उद्यमी बनने में मदद कर सकता है, रोजगार ढूंढ सकता है , जो उन्हें अच्छा काम प्रदान करता है। यह अवसर कुशल युवा व्यक्तियों के साथ-साथ नियोक्ताओं, विकास भागीदारों और नीति निर्माताओं को एक ही मंच पर लाने का अवसर प्रदान करता है।

इस मौके पर मुख्य वक्ता के रूप में *परियोजना समन्वयक- श्री पिंकू दुबे, तथा "प्रवाह"सोसाइटी के मुख्य- कार्यपालक पदाधिकारी श्री अक्षय कुमार महतो* थे। इस वेबिनार में मुख्य रूप से इन बातों पर चर्चाएं कि गयी-

1. युवाओं को कौशल विकाश से कैसे जोड़ा जाए।
2. कौशल विकाश का फायदा क्या है।
3. महिला समिति तथा गृहणियों को कौशल विकाश से कैसे जोड़ा जाए।
4. किन्ही भी व्यक्ति को कौशल प्रशिक्षण के लिए कौन कौन से कागजात जरूरी है।
5. कम पढ़े लिखे युवक युवती के लिए क्या उपाय है ।
6. कौशल विकाश के कोर्स को करते समय सरकार द्वारा दी जाने वाली सुविधाएं।
7. स्वयं का रोजगार कैसे कर सकते हैं।
8. रोजगार करने के लिए बैंक से ऋण कैसे लें।
इसके अलावा अन्य बहुत सारी जानकारियां दी गई।

इस अवसर पर मौजूद संघ के सदस्य तथा विद्यार्थियों ने बहुत से सवाल किए जिनका जवाब पिंकू दुबे सर तथा अक्षय सर ने दिये। इस अवसर पर मुख्य रूप से *कृष्णा कुमार, किशन कुमार गोंझू, देवकुमार महतो, करिश्मा कुमारी, मनीष कुमार, अंकिता नयन, सुजाता, पुर्णिमा, सुनैना, गीतांजलि, धर्मदेव, सत्या मुंडा , सुमेश मुंडा, मनोज सिंह मुंडा, दयानंद महतो, आजाद कुमार तथा अन्य गन्य-मान्य व्यक्ति* उपस्थित रहे।

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