शिलांग में आज अनेक परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास हुवा।इन योजनावो में एक क्रायोजेनिक ऑक्सीजन प्लांट व बाल चिकित्सा वार्ड है ।

इनका उद्घाटन केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने किया। साथ ही उन्होंने मावियोंग में अंतर्राज्यीय बस टर्मिनल का उद्घाटन भी किया।

इस अवसर पर डोनर (DoNER) मंत्री श्री जी.किशन रेड्डी, विज्ञान और प्रौद्योगिकी तथा अंतरिक्ष विभाग राज्य मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह, डोनर मंत्रालय के राज्य मंत्री श्री बी.एल.वर्मा, मेघालय के मुख्यमंत्री श्री कॉनराड संगमा और केंद्र तथा राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

इस अवसर पर श्री अमित शाह ने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की सरकार बनने के बाद उत्तरपूर्व की कनेक्टिविटी को सबसे ज़्यादा महत्व दिया गया।जब हम कहते थे कि हम उत्तर पूर्व के सभी राज्यों की राजधानियों को रेल और हवाई मार्ग से जोड़ देंगे तब ये विपक्ष वाले लोग हम पर हँसते थे, कि यहाँ कौन आएगा क्या जरुरत है।उन्होंने कहा कि आज मोदी सरकार का प्रयास है कि 2023-24 से पहले उत्तरपूर्व के सभी राज्यों की राजधानियां रेल, रोड और हवाई अड्डों से जुड़ जाएं।

उन्होंने कहा कि आज जो काम यहां हो रहा है, वो कई वर्षों पहले हो जाना चाहिए था, लेकिन आज यहां भारत सरकार और मेघालय सरकार के सहयोग से 50 करोड़ रूपए की लागत से अंतरराज्यीय बस टर्मिनल बन रहा है। 

उन्होंने कहा जहां तक मेघालय की बात है, तो 2014 से अब तक मेघालय के विकास को गति देने का काम और यहां की जनता को अर्थतंत्र से जोड़ने का काम केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार ने किया है। उन्होंने कहा कि बिचौलियों को हटाकर जनता के अधिकार का पैसा सीधे उनके बैंक खातों में डालने का काम नरेन्द्र मोदी सरकार ने किया है। 

उन्होंने कहा कि मेघालय सरकार ने लगभग 700 करोड़ रूपए की लागत से 67 परियोजनाओं को केन्द्र की सहायता से पूरा किया है और 800 करोड़ रूपए की लागत वाली 38 अन्य परियोजनाएं चालू हैं। 

श्री अमित शाह ने कहा कि कई प्रकार के कटहल मिशन, मशरूम मिशन, सिल्क और मिल्क मिशन और मत्स्य पालन के लिए 650 करोड़ रूपए देने का काम नरेन्द्र मोदी सरकार ने किया है। 

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि पूरे उत्तरपूर्व क्षेत्र में मोदी सरकार तीन चीज़ों को महत्व देकर आगे बढ़ रही है—पहली, यहां की बोलियां, भाषाएं, नृत्य, संगीत, खान-पान, संस्कृति को संभालकर-संजोकर रखना और पूरे भारत में इसके लिए आकर्षण पैदा करना, दूसरी, उत्तरपूर्व के सारे विवादों को समाप्त करके इसे शांतिपूर्ण क्षेत्र बनाना, तीसरा, उत्तरपूर्व को एक विकसित क्षेत्र बनाकर इसके आज़ादी-पूर्व के जीडीपी में योगदान के स्तर पर वापस लाने का प्रयास करना। उन्होंने कहा कि हम इसके बहुत नज़दीक़ हैं और हम सबके सामूहिक प्रयासों से ही कुछ की सालों में हम अपने गंतव्य स्थान पर पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि जिस दिन यहा का जीडीपी में योगदान 20 प्रतिशत से ज़्यादा हो जाएगा, यहां ग़रीबी, बेरोज़ग़ारी और अशांति का नामोनिशान नहीं रहेगा। 

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि उत्तरपूर्व देश के ऐसे क्षेत्र में से है जहां कनेक्टिविटी की बहुत ज़रूरत है। उन्होंने कहा कि कनेक्टिविटी के बिना ना तो देश के इस छोर की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है, ना इस क्षेत्र का पुराना वैभव वापस लाया जा सकता है और ना ही यहां के विकास को गति दी जा सकती है।श्री अमित शाह ने कहा कि विकास तभी हो सकता है जब इस दुर्गम भौगोलिक क्षेत्र को सभी प्रकार की कनेक्टिविटी से युक्त किया जाए। 

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि इस बस टर्मिनल से ना सिर्फ़ अन्य राज्यों से संपर्क बढ़ेगा बल्कि आर्थिक गतिविधियों को भी बल मिलेगा। 

उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में अगर सबसे समृद्ध संस्कृति किसी क्षेत्र में है तो वो हमारे उत्तरपूर्व में है। इस क्षेत्र की अनेक भाषाओं, संस्कृतियों, संगीत के वाद्य और अलग-अलग सांस्कृतिक पहचान को इस कारण से संजोकर रखा जा सका है क्योंकि आठों राज्यों ने आपस में आदान-प्रदान कर एक दूसरे का पूरक बनने का प्रयास किया है।

श्री अमित शाह ने कहा कि अगर कनेक्टिविटी नहीं होगी तो इस संस्कृति को भी हम लंबे समय तक संभालकर नहीं रख सकेंगे। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र की संस्कृति, भाषाएं, संगीत, नृत्य, खान-पान की विविधता, ना केवल पूर्वोत्तर बल्कि पूरे भारत का गहना हैं और उसे संभालने की ज़िम्मेदारी सिर्फ़ उत्तरपूर्व की नहीं बल्कि पूरे भारत की है। 

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि आईटी कनेक्टिविटी के माध्यम से विकास और सेवाएं नागरिकों तक पहुंचें, इसके लिए भी सरकार ने बहुत प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि आज आसानी से सामान्य सेवा केन्द्रों से दस्तावेज़ों का नवीनीकरण और प्राप्ति, दोनों हो रही हैं। ड्राइविंग लाइसेंस की डिजिटल प्रति जैसे कई सुविधाएं घर बैठकर मिल रही हैं। 
 

उन्होंने कहा कि उत्तर पूर्वी परिषद ने एक विज़न के साथ जो काम यहां किया है, पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र को इसका फ़ायदा मिलेगा। उन्होंने कहा कि मेघालय के लगभग साढ़े छह लाख लाख परिवारों के पास बैंक अकाउंट नहीं थे, लेकिन आज जन-धन योजना के अंतर्गत यहां का हर परिवार अपना बैंक खाता खोल सकता है। आज मेघालय में एक भी घर ऐसा नहीं है जहां शौचालय नहीं है। 100 प्रतिशत ओडीएफ़ वाले राज्यो की सूची में मेघालय का नाम भी है। 

मेघालय में 3.39 लाख परिवार ऐसे हैं जहां नल से पानी नहीं पहुंचता। उन्होंने कहा कि हमने लक्ष्य रखा है कि इन सभी परिवारों में घरों में शुद्ध पीने का पानी पहुंचाएंगे। 

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि मेघालय में 39 एकलव्य रेज़ीडेंशियल मॉडल विद्यालय बनाने की शुरूआत हुई है।

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