*Representational image credit oneindia.com

आगामी 15 अगस्त 2021 को भारत की स्वतंत्रता के 75 वीं वर्षगांठ के अवसर पर रक्षा मंत्रालय भारत सरकार के द्वारा देशभर के गैलंट्री अवार्ड विजेताओं का अभिनंदन समारोह आयोजित किया जा रहा है। 

इसी कड़ी में करीम सिटी कॉलेज,जमशेदपुर  के प्रांगण में झारखंड की एनसीसी की सैतीसवीं बटालियन के द्वारा इस क्षेत्र के दो शहीद परमवीर चक्र विजेता लांस नायक अल्बर्ट एक्का एवं सेना पदक विजेता सिपाही गणेश हादसा के परिजनों का अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया इस अवसर पर लांस नायक अल्बर्ट एक्का के पुत्र श्री विंसेंट एक्का एवं पुत्र श्री अनुज एक्का उपस्थित थे साथ ही शहीद गणेश हांसदा के पिता श्री सुभदा हांसदा और माता कापरा हांसदा तथा उनके भाई दिनेश हादसा उपस्थित थे।

एनसीसी की ओर से ग्रुप कमांडर ब्रिगेडियर मनीष त्रिपाठी, कमाडिंग ऑफिसर सैतीसवीं बटालियन कर्नल संजय शांडिल्य तथा करीम सिटी कॉलेज के प्राचार्य डॉ मोहम्मद रियाज ने शहीदों के परिजनों की अगवानी की। इसके बाद सभी ने सम्मिलित रूप से स्मृति दीप प्रज्वलित किया। इसके उपरांत एनसीसी गीत प्रस्तुत किया गया।

मास कम्युनिकेशन विभाग, करीम सिटी कॉलेज की ओर से लघु फिल्म 'शौर्य का सफर भारतीय सेना के पिछले 75 बरस के शौर्य और पराक्रम के इतिहास को प्रस्तुत किया गया। साथ ही दोनों शहीदों अल्बर्ट एक्का और गणेश हांसदा के शहादत के विषय में जानकारी दी गई। शहर की जानी-मानी कलाकार सुमन प्रसाद ने अपनी लाइव प्रस्तुति में 10 मिनट के भीतर गणेश हांसदा का चित्र तैयार करके सभी को चकित कर दिया। 

इसके बाद कार्यक्रम की संचालिका एवं मास कम्युनिकेशन विभाग की प्रमुख डॉ नेहा तिवारी ने दोनों शहीदों का जीवन परिचय दर्शकों के सामने रखा लांस नायक अल्बर्ट एक्का ने भारत-पाकिस्तान के बीच हुए 1971 के युद्ध में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और 3 दिसंबर 1971 को गंगासागर नामक क्षेत्र में शहादत दी थी। 

लांस नायक अल्बर्ट एक्का को भारत सरकार की ओर से परम वीर चक्र प्रदान किया गया है। जबकि गणेश हांसदा की पहली ही पोस्टिंग लद्दाख के गलवान क्षेत्र में हुई थी जहां पिछले बरस हुई चीन के साथ झड़प में अपनी वीरता और साहस का परिचय देते हुए 15 जून 2020 को वह शहीद हुए थे। भारत सरकार की ओर से उन्हें सेना मेडल प्रदान किया गया है।

प्रशस्ति पाठ के बाद दोनों शहीदों के परिवार जनों का शॉल ओढ़ाकर और तोहफे देकर अभिनंदन किया गया। बातचीत के क्रम में अल्बर्ट एक्का के पुत्र ने बताया कि वह बेहद गर्व महसूस करते हैं कि वे एक शहीद पुत्र हैं। उन्होंने अपनी बांग्लादेश की यात्रा का जिक्र करते हुए बताया कि जब उन्होंने अपने पिता का शहीद स्थल देखा तो वे हतप्रभ रह गए कि कितनी विकट परिस्थितियों में उनके पिता और साथी सैनिकों ने इस लड़ाई को अंजाम दिया होगा। 

वह भारत सरकार और बांग्लादेश सरकार दोनों की ओर से मिले सम्मान से प्रसन्न नजर आए। गणेश हांसदा के भाई श्री दिनेश हादसा ने भी कहा कि उन्हें भाई को खोने का दुख तो जरूर है पर इस बात का बहुत गौरव है कि उनका भाई इस देश की रक्षा के काम आ सका। एनसीसी कैडेट विश्वास ने गणेश हांसदा को अपना प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि वह भी भविष्य में एनसीसी के बाद सेना से जुड़ना चाहते हैं।

सैतीसवीं बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल संजय शांडिल्य ने कहा कि यह गौरव की बात है कि गणेश हांसदा एनसीसी की सैतीसवीं बटालियन से जुड़े रहे और उसके बाद सेना में गए। कार्यक्रम के अंत में बोलते हुए रांची से आए एनसीसी के ग्रुप कमांडर ब्रिगेडियर मनीष त्रिपाठी ने कहा कि शहादत का अर्थ परिवार से बेहतर कोई नहीं समझ सकता और तमाम युवाओं को इन शहीदों से प्रेरणा लेने की जरूरत है।

पूरे कार्यक्रम के दौरान करीम सिटी कॉलेज के प्राचार्य डॉ मोहम्मद रियाज, करीम सिटी कॉलेज के एनसीसी के कमांडर कैप्टन डॉ फखरुद्दीन अहमद, एनसीसी बटालियन की ओर से लेफ्टिनेंट कर्नल दीपक कुमार व शहर के विभिन्न कॉलेजों के एनसीसी कोऑर्डिनेटर मौजूद थे। कोविड- 19 प्रोटोकॉल का पालन करते हुए इस समारोह का आयोजन किया गया। इसकी सफलता मे एनसीसी के कैडेटों और मास कम्युनिकेशन विभाग ने विशेष भूमिका निभाई।

उल्लेखनीय है कि आगामी 15 अगस्त 2021 को भारत अपनी आजादी के 75 वर्ष पूरे करेगा इसी उपलक्ष्य में रक्षा मंत्रालय की पहल पर देश की जल, थल और वायु सेना, बीआरओ और राष्ट्रीय कैडेट कोर देश के 75 शहरों में 752 गैलंट्री अवॉर्ड विजेताओं का अभिनंदन समारोह आयोजित कर रहे हैं ताकि देश के युवा उनके साहस और बलिदान से प्रेरणा ले सकें।

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