मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन आज शिक्षा मंत्री श्री जगरनाथ महतो का स्वास्थ्य संबंधी हाल जानने मेदांता अस्पताल पहुंचे। मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों से श्री महतो के चिकित्सा को लेकर पूरी जानकारी ली तथा बेहतर चिकित्सा हेतु निदेश दिया।
मुख्यमंत्री…
संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी- सह- संयुक्त सचिव श्री हीरालाल मंडल ने कहा कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निदेशानुसार सभी राजनीतिक दल आपराधिक पूर्ववृत्त वाले अभ्यर्थियों का चयन किये जाने पर उनके बारे में सारी जानकारी निर्वाचन विभाग के annexure-C-7…
"मैं गोआ के एक गाँव "पर्रा" से हूँ, इसलिये हम "पर्रिकर" कहे जाते हैं। मेरा गाँव अपने तरबूजों के लिये प्रसिद्ध है। जब मैं बच्चा था, वहाँ फसल कटाई के बाद मई में किसान एक 'तरबूज खाओ प्रतियोगिता' आयोजित करते थे। सभी बच्चों…
एपीजे अब्दुल कलाम सबसे यूनिक किस्म के राष्ट्रपति थे। रामेश्वर के छोटे से शहर के साधारण से मुस्लिम परिवार में जन्में कलाम के जीवन की कहानी किसी भी आम आदमी के लिए काफी प्रेरणादायक है। काफी मेहनत कर उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। देश के उत्कृष्ट वैज्ञानिक…
हिंदी सिनेमा में जिस तरह से अमिताभ बच्चन ने वंबी पारी खेली है उसी तरह से अशोक कुमार ने भी कई दशकों तक सिल्वर स्क्रीन पर अपनी दमदार मौजूदगी कायम रखी थी। अशोक कुमार का जन्म 13 अक्टूबर 1911 को भागलपुर बिहार में हुआ था।जन्म के समय इनका नाम 'कुमुदलाल…
कृषि मंत्री श्री बादल ने राज्यस्तरीय कमिटी के पदाधिकारियों के साथ की बैठक।राज्य के कृषि मंत्री श्री बादल ने कहा है कि राज्य के कृषकों को सुदृढ़ करने की दिशा में सरकार तेजी से काम कर रही है। सरकार ऐसे किसानों को सूचीबद्ध कर रही है, जिन्होंने विभिन्न…
स्वतंत्र भारत की राजनीति और चिंतन धारा पर जिन चंद लोगों ने सबसे गहरा असर डाला है, उनमें डॉ. राम मनोहर लोहिया और जयप्रकाश नारायण प्रमुख हैं। भारत के स्वतंत्रता संग्राम के आखिरी दौर में भी इन दोनों की भूमिका बड़ी महत्वपूर्ण रही है।
गांधी का प्रभाव
कश्यप मेमोरियल आई हॉस्पिटल के सभागार में आई डोनेशन अवेयरनेस क्लब की वार्षिक बैठक संपन्न हुई। इस मीटिंग के मुख्य अतिथि झारखण्ड के स्वास्थ्य मंत्री श्री. बन्ना गुप्ता थे। आई डोनेशन अवेयरनेस क्लब के सभी पदाधिकारियों ने इस मीटिंग में भाग लिया। आई डोनेशन…
बोकारो ब्लास्टर्स बना विनर
टूर्नामेंट के आयोजन का प्रस्ताव जब रखा गया तो बड़ी दुविधा थी। झारखंड समेत पूरा देश वैश्विक महामारी के दौर से गुजर रहा था। लेकिन हुनर को निखारने के लिए पूरी सतर्कता के साथ टूर्नामेंट संपन्न कराने का निर्णय लिया गया।
…डॉ. रामदयाल मुंडा को पुण्यतिथि पर नमन
डॉक्टर रामदयाल मुंडा झारखंड के आदिवासी समाज के शायद सबसे बड़े स्कॉलर कहे जा सकते हैं। सन 2005 के अप्रैल महीने के पहले हफ्ते में उनसे इंटरव्यू लेने गया था। करीब दो-तीन घंटे बहुत सी अनऔपचारिक बातें भी हुईं।…