फैक्ट्स मीडिया भारत में एग्जिट पोल की शुरुआत 80 के दशक में हुई थी और तब से हर बार सर्वे के आधार पर अंदाजा लगा लिया जाता है कि किसे बहुमत मिल रहा है और किसे नहीं। 

लेकिन कभी-कभी एग्जिट पोल सही तो कभी-कभी पूरी तरह फेल हो जाते हैं।पिछले लोकसभा चुनाव के एग्जिट पोल में केवल एक मात्र फैक्ट्स मीडिया ने ही सटीक विश्लेषण किया था, जबकि अन्य सभी के अनुमान बुरी तरह से फैल हो गए थे.एक मात्र एग्जिट पोल फैक्ट्स मीडिया का था जिसने भाजपा को 240 और कांग्रेस को 100 के आंकड़े के समीप दिखाया था. 

झारखंड विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र एक बार फिर फैक्ट्स मीडिया के एग्जिट पोल ने सबको चौकाने का कार्य किया है.झारखंड विधानसभा चुनाव के प्रथम चरण के सर्वे में त्रिशंकु विधानसभा होने की बात कही गई है. 

भाजपा को सिंगल लार्जेस्ट पार्टी के रूप में ज़रूर दिखाया गया है, पर वह जादुई आंकड़े से इस बार भी दूर रहेगी. भाजपा के सहयोगी आजसू के खाते में आने वाली सीटों के साथ भी भाजपा बहुमत के आंकड़ों को छुती हुई नज़र नहीं आ रही है. वहीं सत्ताधारी झामुमो गठबंधन की सीटें भी कम होती दिखाई दे रही हैं. 

इण्डिया गठबंधन में शामिल कांग्रेस की सीटें भी कम होती दिखाई गई हैं. वहीं अन्य के खाते में इस बार अधिक सीटें जाती दिखाई दे रही हैं. कुल मिलाकर इस एग्जिट पोल में अगली सरकार की चाभी अन्य के हाथों में जाती दिखाई दे रही हैं. चुनाव के दौरान जनमत सर्वेक्षण आपको दो में से एक या दोनों बातें बताते हैं: प्रत्येक राजनीतिक दल के लिए अनुमानित वोट शेयर, और प्रत्येक दल को मिलने वाली सीटों की अनुमानित संख्या। 

वे फोन पर लोगों के एक पैनल का साक्षात्कार करके या उन्हें ऑनलाइन सर्वेक्षण करने के लिए आमंत्रित करके ये अनुमान लगाते हैं, जहाँ वे पूछते हैं कि वे किसे वोट देने की योजना बना रहे हैं। किस तरह से मतदान होगा, इस बारे में अपनी समग्र अपेक्षा पर पहुँचने के लिए प्रतिक्रियाओं को एकत्रित करते हैं और उनका वजन करते हैं। 

जबकि अधिकांश पोलिंग कंपनियाँ बहुत बढ़िया काम करती हैं, उन सर्वेक्षणों का उत्तर देने वाले लोग अपने स्वयं के व्यवहार का बहुत अच्छी तरह से अनुमान नहीं लगा सकते हैं, और उनके उत्तरों का विश्लेषण करते समय बहुत सारे सांख्यिकीय विकल्प बनाने की आवश्यकता होती है। 

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इसलिए वे जनमत सर्वेक्षण एक अनुमान हैं - उस दिन के आधार पर सबसे अच्छा अनुमान। वोट शेयर: प्रथम चरण के सर्वेक्षण के अनुसार आगामी झारखंड विधान सभा चुनाव में भाजपा को 38.2 प्रतिशत वोट शेयर मिलता दिखाई दे रहा है, उसके बाद झामुमो को 20.2 प्रतिशत, कांग्रेस को 14.2 प्रतिशत और ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन पार्टी (आजसू) को 7.2 प्रतिशत वोट शेयर के करीब है। 
वहीं, अन्य को 19.2 प्रतिशत वोट मिलने की संभावना हैं। 
???? झामुमो: 20.2% 
???? कांग्रेस: ​​14.2% 
???? भाजपा: 38.2% 
????आजसू: 7.2% 
???? अन्य: 19.2% 

सीट शेयर: 82 सदस्यीय विधानसभा में सीटें, जहां एक मनोनीत सदस्य होता है और 81 सीटों पर मतदान होता है। भाजपा को 28 से 32 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने का अनुमान है, जबकि झामुमो को 16 से 22 सीटें मिलने का अनुमान है। वहीं, कांग्रेस को 7-15 सीटें मिलेंगी, उसके बाद आजसू को 02 से 04 सीटें मिलेंगी। अन्य को 03-08 सीटें मिलने की उम्मीद है।  
????झामुमो: 16-22 सीटें 
????कांग्रेस: ​​07-15 सीटें 
????भाजपा: 28-32 सीटें 
????आजसू: 02-04 सीटें 
????अन्य: 03-10 सीटें

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