आज जब होली के अवकाश के बाद झारखंड विधानसभा का बजट सत्र फिर प्रारंभ हुवा, प्रमुख विपक्षी दल भाजपा के विधायकों ने विधानसभा मुख्य द्वार पर धरना दिया।

हेमंत  सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। भाजपा विधायकों ने कोयला, पत्थर, बालू लूटने वाली सरकार होश में आओ के नारे लगाए। भाजपा विधायक अनंत ओझा ने कहा कि राज्य में लगातार सरकार के शह पर कोयला, पत्थर व बालू की लूट हो रहीर है। आलम यह है कि प्रधानमंत्री आवास के लिए गरीबों को भी बालू नहीं मिल रहा है। आजसू विधायक लंबोदर महतो ने खतियान आधारित स्थानीय नीति लागू करने की मांग को लेकर धरना दिया।

विधान सभा के भीतर, कार्यवाही प्रारंभ होते ही जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय ने मैनहर्ट घोटाले का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से माहवारी प्रतिवेदन लेती है। ब्यूरो ने आरंभिक जांच पूरा कर लिया है और दोष सिद्ध अभियुक्त संख्या -1 ने ब्यूरो की पृच्छा का जवाब दाखिल कर दिया है। इसके बाद भी मैनहर्ट मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की अग्रेतर करवाई नहीं कि जा रही है। उन्होंने सरकार से FIR दर्ज करने का आदेश देने की मांग की।
जवाब में प्रभारी मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि मैनहर्ट घोटाले की जांच चल रही है। इस घोटाले में एक नहीं कई लोग शामिल हैं। अबतक ब्यूरो के पास दो-तीन लोगों का ही जवाब आया है बाकी का नहीं आया है। सदन को यह भी बताया कि इस मामले में तत्कालीन नगर विकास मंत्री रघुवर दास भी आरोपी हैं। सभी तथ्यों की क्रमवार जांच होता है और इसमें समय लगता है। कहा कि सभी के जवाब आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। मंत्री के जवाब पर विधायक सरयू राय ने कहा कि यदि आरोपी जवाब नहीं देंगे तो क्या कार्रवाई नहीं होगी। मंत्री ने कहा कि दो महीने के भीतर सभी आरोपियों से जवाब लेकर कार्रवाई की जाएगी। 

इसके बाद सदन में पुरानी पेंशन स्कीम का मुद्दा उठा। वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव ने कहा कि राज्य में अभी राष्ट्रीय पेंशन योजना लागू है।एक जनवरी 2004 के प्रभाव से केंद्र सरकार की सेवा में आनेवाले सभी नए कर्मियों के लिए अंशदायी पेंशन योजना लागू की गई। इसी के आलोक में झारखंड सरकार ने भी 1 दिसंबर 2004 को या उसके पश्चात नियुक्त झारखंड सरकारी सेवकों पर नई अंशदायी पेंशन योजना अनिवार्य रूप से लागू है।

कहा कि पुरानी पेंशन योजना पर सभी पहलुओं पर विचार कर सम्यक निर्णय लेगी। उन्होंने कहा कि इस मामले पर पूर्व में मुख्यमंत्री ने भी अपना विचार सदन के समक्ष रखा है।अल्पसूचित प्रश्न के माध्यम से आजसू विधायक लंबोदर महतो और माले विधायक विनोद सिंह ने राज्य सरकार के कर्मियों को नई पेंशन योजना को बंद कर पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग की थी।

इसके बाद सदन में सूचना आयुक्तों के खाली पदों का मुद्दा उठा। इसका जवाब देते हुए मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष का पद खाली होने के काण इन पदों को भरने में तकनीकी बाधा पैदा हो रही है। मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने कहा कि भाजपा के कारण ही इन पदों पर चयन नहीं हो पा राहा। भाजपा अपने 25 विधायकों में नेता का चयन नहीं कर पाई। भाड़े पर नेता को लाया गया। मंत्री का इशारा बाबूलाल मरांडी की तरफ था।
 

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