इसके तहत राज्य के करीब 85191 पुलिस कर्मियों को बीमा कवर में लाया जाएगा. सरकार का कहना है कि एंटी नक्सल ऑपरेशनों में न सिर्फ झारखंड बल्कि दूसरे राज्यों में भी यहां के पुलिस कर्मी कांबेट ऑपरेशन में हिस्सा ले रहे हैं. इसलिए उन्हें बीमा कवरेज में लाया जा रहा है. 

सरकार की तरफ से इसमें अधिकतम 55 लाख रुपये का कवरेज दिया जा रहा है. जानकारी के अनुसार, नक्सल ऑपरेशन में शहीद होने, स्थायी रूप से अपंगता होने पर बीमित राशि का शत प्रतिशत भुगतान किया जायेगा. एक लिंब अथवा एक आंख की रौशनी जाने पर बीमित राशि का 50 फीसदी दिया जायेगा.

भारतीय बीमा नियामक प्राधिकार (इरडा) के नियमों के तहत परमानेंट पार्शियल डिस्एबिलिटी पर भी भुगतान किया जायेगा. नक्सली घटनाओं में गंभीर रूप से घायल होने पर सरकारी अथवा निजी अस्पतालों में कैशलेस व्यवस्था के तहत 20 लाख रुपये का भुगतान किया जायेगा. इसके अलावा बच्चों की शिक्षा के लिए पांच लाख रुपये का कंपेंसेसन भी दिया जायेगा. पुलिस कर्मियों की मृत्यु होने पर दो बच्चों की पढ़ाई का अगले पांच साल तक सरकार खर्च वहन करेगी. 
बीमा कवरेज में सड़क दुर्घटना होने पर 7.50 लाख रुपये मेडिकल एक्सपेंसेस के लिए दिया जायेगा. नक्सल गतिविधियों में मारे जाने पर 20 लाख रुपये दिये जाने का प्रावधान किया गया है. इसी तरह सांपों के काटने से अथवा नक्सल गतिविधियों में शामिल होने के दौरान भागा-दौड़ी करने पर भी इतनी ही राशि का प्रावधान किया गया है.

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