झारखंड राज्य शिक्षा परियोजना परिषद एवं यूनिसेफ के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित दो दिवसीय राज्यस्तरीय कार्यशाला का आज समापन हो गया। डव समर्थित 'जीवन कौशल, अपने शरीर के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण एवं बच्चो में आत्मविश्वास' विषय पर आधारित इस राज्यस्तरीय कार्यशाला के दूसरे दिन आज सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधियों ने प्रेजेंटेशन प्रस्तुत कर अपने अनुभव सांझा किये। 

इसके अलावा कस्तूरबा विद्यालयों की बच्चियों द्वारा लिंग भेद, जीवन कौशल समेत अन्य विषयो पर नाटक पेश किया गया। बच्चियों ने अपने प्रस्तुतियों में बताया कि पितृसत्तात्मक समाज में अपने आत्म-सम्मान के साथ-साथ एक सकारात्मक शारीरिक आत्मविश्वास का निर्माण कैसे किया जाए। 

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कार्यशाला में भाग लेने वाले प्रतिभागियों ने शारीरिक बनावट से संबंधित रूढ़िवादिता को चुनौती देने और किशोरों को सक्षम बनाने के लिए इस तरह की कार्यशाला के निरंतर आयोजन पर जोर दिया, साथ ही यूनिसेफ और राज्य शिक्षा परियोजना का आभार भी व्यक्त किया। 

कार्यशाला में प्रतिभागियों को राज्य शिक्षा परियोजना निदेशक श्रीमती किरण कुमारी पासी, यूनिसेफ की राज्य पदाधिकारी श्रीमती कनीनिका मित्रा, यूनिसेफ की राज्य पदाधिकारी श्रीमती लक्ष्मी रंजन, यूनिसेफ की एजुकेशन स्पेशलिस्ट श्रीमती पारुल शर्मा, राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी श्री अभिनव कुमार, यूनिसेफ के पदाधिकारी श्री संजीव कुमार, श्रीमती पल्लवी, आदि पदाधिकारियों के द्वारा लगातार मार्गदर्शन मिलता रहा।

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