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रांची के चिरौंदी में वाल्मीकि अम्बेडकर मलिन बस्ती आवास योजना (वाम्बे आवास) के तहत निर्मित 867 क्वार्टरों के जीर्णोद्धार के लिए 5 करोड़ 63 लाख का प्राक्कलन तैयार किया गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय के अपर सचिव रमाकांत सिंह ने नगर विकास विभाग को निर्देश दिया है कि जर्जर क्वार्टरों की मरम्मत के लिए बनाये गये प्राक्कलन को स्वीकृति देने और काम शुरू कराने की दिशा में कदम उठायें। क्वार्टरों की जर्जर हालत की वजह से 1000 से भी अधिक सफाईकर्मी और उनके परिजन परेशान हैं। अपर सचिव मंगलवार को सूचना भवन स्थित मुख्यमंत्री जनसंवाद केंद्र में दर्ज शिकायतों की साप्ताहिक समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कुल 15 मामलों की समीक्षा की।

अन्य मामले, जिनकी समीक्षा की गयी 

•    दुमका के गोपीकांदर गांव में दुर्गा मंदिर के समीप स्थित जलमीनार से मार्च 2017 से जलापूर्ति बंद होने से आस-पास के लगभग 400 घरों के लोग प्रभावित हैं। इस संबंध में की गयी शिकायत के संबंध में अपर सचिव द्वारा पूछे जाने पर संबंधित विभाग के अधिकारी से कहा कि मोटर जल जाने के कारण जलापूर्ति ठप है। इसे जल्द चालू करा दिया जाएगा। अपर सचिव ने कहा कि पेयजल आपूर्ति ठप रहने का मामला गंभीर है। उन्होंने एक हफ्ते में जलमीनार से जलापूर्ति शुरू कराने का निर्देश दिया। 

•    सिमडेगा के कोलेबीर गांव के चेकडैम में मिट्टी भर जाने की वजह से लगभग 4000 की आबादी को पेयजल की समस्या हो रही है। इस तालाब से पाइपलाइन के माध्यम से की जानेवाली पेयजलापूर्ति पिछले 4 माह से बंद है। सरकार के अपर सचिव ने इस शिकायत की समीक्षा करते हुए संबंधित विभाग को तत्काल कदम उठाने और एक हफ्ते के भीतर इसकी रिपोर्ट देने का निर्देश दिया। 

•    बोकारो की 90 वर्षीया सोफिया देवी को पिछले 28 माह से वृद्धा पेंशन की राशि का भुगतान नहीं किए जाने से जुड़ी शिकायत की समीक्षा करते हुए अपर सचिव ने कहा कि ऐसे मामले तत्काल निपटाये जायें। इसी तरह देवघर की मायावती कुमारी को पिछले चार महीने से दिव्यांगता पेंशन का भुगतान नहीं किये जाने की शिकायत पर अपर सचिव ने संबंधित विभाग को कहा कि ऐसे मामले लटकाया न करें। उन्होंने राशि का भुगतान तक रिपोर्ट तत्काल अपडेट करने का निर्देश दिया।

•    गढ़वा जिले के जिला ग्रामीण विकास अभिकरण में कार्यरत लगभग 9 कम्प्यूटर ऑपरेटरों को स्वीकृत मानदेय से कम राशि का भुगतान किये जाने और लंबे समय से भुगतान लंबित रखे जाने की शिकायत पर अपर सचिव ने संबंधित विभाग के नोडल पदाधिकारी से पूछा कि भुगतान कब तक अपडेट होगा? उन्होंने निर्देश दिया कि आवंटन मिलते ही इन्हें नियमित भुगतान सुनिश्चित करायें। 

•    दुमका के मुकेश कुमार मांझी और सचिन कुमार दास रासायनिक मिट्टी जांच प्रयोगशाला, दुमका में आउटसोर्सिंग के माध्यम मिट्टी जांच का कार्य किया लेकिन उनके मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है। इस शिकायत पर अपर सचिव ने इस माह के भीतर भुगतान सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया।

•    अशोक कुमार प्रसाद पथ निर्माण विभाग, प्रोजेक्ट भवन में कार्यरत थे, जो पिछले 15 वर्षों से लापता हैं। घटना के 15 वर्षों के बाद भी उनके आश्रित को अनुकंपा पर नौकरी नहीं मिली है। इस शिकायत की समीक्षा के दौरान संबंधित विभाग के नोडल पदाधिकारी ने कहा कि ऐसे मामले में सक्षम न्यायालय से मृत्यु प्रमाण पत्र निर्गत किये जाने के बाद ही नौकरी दी जा सकती है। इसपर अपर सचिव ने निर्देश दिया कि इस संबंध में कार्मिक एवं गृह विभाग से मंतव्य प्राप्त कर कार्रवाई करें।

•    सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर स्वास्थ्य केन्द्र के समीप सड़क के दोनों ओर बाजार लगाये जाने से एंबुलेंस इत्यादि के आवागमन में काफी परेशानी होती है। जनसंवाद में आयी इस शिकायत पर अपर सचिव ने जाम हटाने और मामले का स्थायी समाधान करने की दिशा में कदम उठाने का निर्देश दिया।  

•    गिरिडीह के राजेश कुमार मण्डल ने झारखंड ग्रामीण बैंक, शाखा-चिचाकी में सुरक्षा बीमा कराया था। 13 अप्रैल 2016 को सड़क दुर्घटना में इनकी मृत्यु हो गई। बैंक में दावा पेश किये जाने के बावजूद स्व. मंडल की पत्नी को बीमा राशि का भुगतान नहीं किया है। इस शिकायत की समीक्षा करते हुए अपर सचिव ने संबंधित विभाग को निर्देश दिया कि दुर्घटना से जुड़े दस्तावेज जुटाकर सात दिनों में प्रभावित को भुगतान सुनिश्चित करायें।

•    भीम महतो  ग्रेजुएट स्कूल कॉलेज फॉर वुमेन, जमशेदपुर में चतुर्थवर्गीय कर्मी के रूप में 17 अगस्त 1984 से कार्यरत थे। कार्य के दौरान 20 नवंबर 1999 को इनकी मृत्यु हो गई थी। इनकी मृत्यु के उपरांत आश्रित पत्नी- शकुंतला महतो को 18 दिसंबर 2003 में नियुक्त किया गया। परन्तु, अब तक इनकी सेवा नियमित नहीं किये जाने की शिकायत जनसंवाद में की गयी थी। इसकी समीक्षा करते हुए अपर सचिव ने एक सप्ताह में मामला निष्पादित करने का निर्देश दिया।
 

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