इको फ्रेंडली बाइक जो पर्यावरण संरक्षण के लिहाज़ से वरदान तो है ही इससे ऊर्जा आत्मनिर्भरता को भी संबल मिल रहा है .

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी इस इको फ्रेंडली बाइक की प्रशंसा करते हुए उनकी कार्यकुशलता को सराहा है .सरायकेला जिले के राजनगर प्रखंड के बासूरदा गांव के रहने वाले कामदेव पान की यह बैटरी चलित बाइक फुल चार्ज होने पर 50 से 60 किलोमीटर की माइलेज देती है और पर्यावरण के दृष्टिकोण से भी यह बाईक काफी अनुकूल है .

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इस बाइक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि बैटरी डिस्चार्ज हो जाने पर इस बाइक में पैडल दिए गए हैं अगर चालक पैडल चलाकर बाइक को आगे बढ़ाता है तो उसके घर्षण से भी बैटरी पुनः रिचार्ज हो जाती है .

पांच भाइयों में से सबसे छोटे कामदेव पान सरायकेला कॉलेज से विज्ञान संकाय में स्नातक हैं वे बीते 5 सालों से लगातार अपने गृह जिले से दूर रांची में एक छोटे से किराए के मकान में रहकर रिसर्च करते रहे और और आखिरकार अपनी अथक परिश्रम और वैज्ञानिक सोच की बदौलत इको फ्रेंडली बाइक की इजाद कर डाली इस बाइक को बनाने में उन्हें लगभग तीस हजार रुपए की लागत आई है.

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सरायकेला जिले के राजनगर प्रखंड के बासूरदा गांव के रहने वाले कामदेव पान की इस उपलब्धि से उनके अभिभावक , परिजन और गाँव वाले काफी हर्षित हैं

निश्चित रूप से काम करने की ललक हो तो इंसान कुछ भी कर सकता है यह बात सरायकेला जिले के एक छोटे से प्रखंड के कामदेव पान ने इको फ्रेंडली बाइक बनाकर इसे साबित कर दिया है.

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