पहले चरण में किसान क्रेडिट कार्ड से फसली ऋण लेने वाले छोटे, मंझोले व सीमांत किसानों द्वारा लिये गये 50 हजार तक के ऋण माफ करने पर विचार चल रहा है. कर्ज माफी के लिए किसान को प्रज्ञा केंद्र या नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी सेंटर) पर आवेदन करना होगा. उसकी पहचान सत्यापित होते ही कर्ज माफी का पैसा ट्रांसफर कर दिया जायेगा. प्रस्ताव के मुताबिक कर्ज माफी की राशि में से सिर्फ ब्याज का पैसा ही बैंक द्वारा वापस लिया जायेगा. शेष रकम केसीसी खाते में मौजूद रहेगी. ज्ञात हो कि किसानों की कर्ज माफी के लिए राज्य सरकार ने 2000 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है. 

करीब 13 लाख किसानों में से आठ लाख किसानों का डाटा झारखंड राज्य ग्रामीण बैंक, एसबीआइ और बीओआइ के पास है. 

इधर 29 दिसंबर को सांकेतिक तौर पर ही कुछ किसानों के खाते में राशि ट्रांसफर की जायेगी, क्योंकि राज्य सरकार इस योजना को सफलतापूर्वक पूरा करना चाहती है.

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