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मुख्यमंत्री की पहल पर झारखंड के संताल और उरांव आदिवासी जो पिछले सौ वर्ष से अधिक समय से असम में रह रहे हैं तथा असम के चाय बागानों में कार्य के लिए गए और पिछले कई पीढ़ियों से वहीं कार्य कर रहे हैं तथा वहीं के निवासी हो गए हैंए को बहुत जल्द ही असम के अनुसूचित जनजाति का  दर्जा प्राप्त होगा।

मुख्यमंत्री रघुवर दास से गुवाहाटी में आज असम सरकार के मुख्य सचिवए कार्मिक सचिव तथा टी ट्राइब के प्रधान सचिव ने मुलाकात की और मुख्यमंत्री रघुवर दास को बताया कि असम सरकार ने झारखंड के मूल आदिवासी संथाल और उरांव समुदाय के लोग जो पिछले सौ वर्षों से अधिक समय से असम में बस गए हैंए उन्हें अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिए जाने के लिए भारत सरकार को विधिवत प्रस्ताव भेजा है । मुख्यमंत्री ने इस पर प्रसन्नता प्रकट करते हुए अधिकारियों से कहा कि वे इसका फॉलो अप भारत सरकार से करें। 

ज्ञात होए कि मुख्यमंत्री बनने के बाद से ही रघुवर दास ने इस और तेजी से पहल किया और असम सरकार से इस दिशा में भारत सरकार को प्रस्ताव भेजने की पहल की थी। जनजातीय परामर्शदात्री समिति में भी यह प्रस्ताव आया और असम सरकार को इस आशय का प्रस्ताव भेजे जाने का निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री द्वारा लगातार किए जाने के पहल का यह नतीजा है कि यह प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा गया है। मुख्यमंत्री के साथ हुई इस चर्चा में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव तथा मुख्यमंत्री के सचिव भी उपस्थित थेद्य
 

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