*सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग की समीक्षा बैठक में भाग लेते माननीय स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता , अपर मुख्य सचिव और डॉ भारती कश्यप एवं एनएचएम के अभियान निदेशक एवं एनएचएम के अभियान निदेशक।

दिनांक 15 फरवरी को पूर्वाहन 11:30 बजे स्वास्थ्य मंत्री, श्री बन्ना गुप्ता की अध्यक्षता में वीमेन डॉक्टर्स विंग इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए), झारखंड के सहयोग से Screening of Carcinoma Cervix से सम्बन्धित समीक्षा बैठक आहूत की गई। इस बैठक में राज्य के सभी सिविल सर्जन, सरकारी स्त्री रोग विशेषज्ञों, सभी जिलों के अस्पताल प्रबंधक और उपाधीक्षकों को ऑनलाइन जोड़ा गया।

*आईएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ सहजानंद सिंह ने* स्वास्थ्य विभाग, झारखण्ड सरकार एवं वीमेन डॉक्टर्स विंग के समन्वित प्रयास की प्रशंसा करते हुए बताया कि यह पहल दूसरे राज्यों के लिए भी अनुकरणीय है।

विडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान मातृत्व कोषांग प्रभारी की नोडल पदाधिकारी डॉ दीपावली ने बताया कि अप्रैल 2021 से जनवरी 2022 तक 225571 महिलाओं की स्क्रीनिंग का लक्ष्य था, जो प्रजनन क्षमता वाली महिलाओं का 6% है। उन्होंने राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों द्वारा किए गए Cervical Cancer Screening की रिपोर्ट प्रस्तुत की।

*वीमेन डॉक्टर्स विंग आई.एम.ए. झारखण्ड की अध्यक्ष डॉ भारती कश्यप ने बताया कि* वीमेन डॉक्टर्स विंग द्वारा लगातार वेबीनारों एवं स्वास्थ्य शिविरों में मशीनों पर हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण दिया जा रहा है। 89,541 महिलाओं की सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग पिछले 9 महीना में प्रशिक्षित सरकारी स्त्री रोग विशषज्ञों द्वारा की जा चुकी है।

झारखण्ड में सर्वाइकल कैंसर की सही स्थिति के आकलन के लिए मैंने सुझाव दिया कि जिस तरह सभी सरकारी ज़िला अस्पतालों से कार्सिनोमा सर्विक्स का मासिक डेटा एन.आर.एच.एम. को भेजा जाता है, उसी तरह राज्य के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर्स, सरकारी एवं निजी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पतालों ,निजी नर्सिंग होम्स और नेशनल कैंसर प्रोग्राम के द्वारा चलाए जा रहे सभी स्क्रीनिंग कैंप से भी कार्सिनोमा सर्विक्स का मासिक डेटा एन.आर.एच.एम. को भेजा जाए, जिससे कि झारखण्ड में कार्सिनोमा सर्विक्स की वास्तविक स्थिति का आकलन हो सके और इसके उन्मूलन की योजना बनाने में हमें सहूलियत हो।

हमने यह भी सुझाव दिया कि सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत हर महीने की 9 तारीख को जिस तरह गर्भवती महिलाओं को अस्पताल तक लाने के लिए सहियाओं को मानदेय दिया जाता है, उसी तरह सर्वाइकल कैंसर के लक्षण से ग्रसित महिलाओं को अस्पताल तक लाने के लिए अगर सहियाओं को मानदेय दिया जाए और सुरक्षित मातृत्व अभियान में इसे भी सम्मिलित किया जाए तो उनमें उत्साह बढ़ेगा और सर्वाइकल कैंसर के उन्मूलन में सहयोग मिलेगा। जैसा कि हम सभी जानते हैं कि सर्वाइकल कैंसर प्रजनन क्षमता वाली महिलाओं को ही होता है और एक तरह से अगर हम ऐसे लक्षण वाली महिलाओं के इलाज में शीघ्रता बरतते हैं तो हम उनको सुरक्षित मातृत्व के लिए भी तैयार करते हैं।

*अपर मुख्य सचिव अरुण सिंह ने कहा कि* डिस्ट्रिक्ट एक्शन प्लान बनाया जाएगा जो जागरूकता प्रशिक्षण और इलाज, इन तीनों ही मुद्दों पर काम करेगा। इसके क्रियान्वयन के लिए हर जिले में कमिटी बनायीं जाएगी, जिसमें सरकारी डॉक्टर के साथ-साथ जिला स्तर पर वीमेन डॉक्टर्स विंग आईएमए के सदस्यगण भी रहेंगे।

*स्वास्थ्य मंत्री, श्री बन्ना गुप्ता ने कहा*- सरकार ने बजट में 1 करोड़ 32 लाख रुपये का प्रावधान रखा जा चुका है और राज्य के सभी जिला अस्पतालों में डिजिटल वीडियो कॉलपोस्कोप और क्रायो मशीन लगायी जाएगी। उन्होंने सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग का दिए गए लक्ष्य से काफी ख़राब प्रदर्शन के लिए जमशेदपुर, रांची, चतरा और लातेहार के संबंधित पदाधिकारियों को बर्खास्त करने की चेतावनी दी। उन्होंने बताया कि साहियाओं के मानदेय को बढ़ने के लिए बात की गई है। उन्होंने मातृत्व कोषांग प्रभारी डॉ दीपावली को निर्देश दिया कि गर्भावस्था के समय और प्रसव के बाद आने वाली महिलाओं में भी अगर सर्वाइकल फ्री कैंसर के लक्षण हैं, तो उनकी जांच करवाई जाए।

समीक्षा बैठक की समाप्ति राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक द्वारा की गई।

समीक्षा के पश्चात् *कैंसर स्त्री रोग विशेषज्ञ, डॉ कनिका गुप्ता (डायरेक्टर, मैक्स हॉस्पिटल, नई दिल्ली) ने* राज्य के सरकारी स्त्री रोग विशषज्ञों को कोल्पोस्कोपिक गाइडेड वाया स्क्रीनिंग और सर्वाइकल प्री कैंसर के उपचार के लिए कोल्पोस्कोपिक गाइडेड क्रायो ट्रीटमेंट का प्रशिक्षण दिया।
 

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