भारत सरकार की स्वामित्व योजना को झारखंड सरकार ने फिलहाल रोक दिया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विधानसभा में दी जानकारी।

खूंटी जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में इसके तहत संपत्ति और जमीन का डिजिटल सर्वे ड्रोन के जरिए हो रहा है। माले विधायक विनोद कुमार सिंह ने यह मामला उठाया। ग्रामीणों की नाराजगी से अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसे तत्काल होल्ड कर दिया गया है। 

संचेप में ये डिजिटल इंडिया को बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री पीएम मोदी ने ग्रामीण स्वामित्व योजना की शुरुआत २०२१ में की। इस योजना के अंतर्गत एक नए ई-ग्राम स्वराज पोर्टल की शुरुआत की गई ।इस पोर्टल पर ग्राम समाज से जुड़ी सभी समस्याओं की जानकारी है और इस पोर्टल के माध्यम से किसान अपनी भूमि की जानकारी ऑनलाइन दी जाएगी ।

लेकिन दो दिन पहले खूँटी ज़िले में एक रैली और मीटिंग हुई और वामपंथी और ईसाई आदिवासी महिलाओं ने यह माँग की स्वामित्व योजना को  तुरंत रध किया जाए। हेमंत सरकार तुरंत इस राष्ट्रीय योजना पर रोक लगा दी।

दूसरा विषय आज विधान सभा में उठा। वो ये था ।रांची के विभिन्न अंचलों में जमीन दाखिल खारिज के हजारों आवेदन लंबित है। समुचित आधार के बिना कई आवेदन अस्वीकृत। इस मामले की टीम गठित कर जांच कराए जाने की जानकारी प्रभारी मंत्री जोबा मांझी ने सदन को दी। 

इससे पहले भाजपा विधायक नवीन जायसवाल ने सदन में कहा कि रांची में ही लगभग 10 हजार आवेदन लंबित हैं। पूरे राज्य में दाखिल खारिज के 68 हजार आवेदन लंबित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अंचल पदाधिकारी पैसे के इंतजार में आवेदन लंबित रखते हैं। विधायक सीपी सिंह ने कहा कि उनकी जमीन का भी आवेदन लंबित है।

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