भाजपा लोक सभा सदस्य निशिकांत दुबे ने ट्वीट कर कहा है कि झारखंड की आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल के 20 ठिकानों पर 
ईडी की छापेमारी क्यों चल रही है।

निशिकांत दुबे ने लिखा, 'झारखंड सरकार यानि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी के नाक की बाल पूजा सिंघल जी, जिन्होंने मुख्यमंत्री, भाई, गुर्गों व दलालों को कौड़ी के भाव खान आवंटित किया, आखिर उनके यहां ईडी का छापा 20 जगह पर चल रहा है, यह छापा रांची, दिल्ली, राजस्थान, मुंबई में जारी है।' 

बता दें कि आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल उद्योग एवं खनन विभाग की सचिव हैं। आईएएस अधिकारी पर अवैध खनन का भी आरोप है।

रांची में पंचवटी रेसीडेंसी, ब्लॉक नंबर 9, चांदनी चौक हरिओम टावर, नई बिल्डिंग, लालपुर और रांची के पल्स हॉस्पिटल पर छापा पड़ा है। जानकारी मिल रही है कि केंद्रीय एजेंसी की यह कार्रवाई रामविनोद सिन्हा से जुड़े मामले में हो रही है। पूरा मामला मनरेगा घोटाले से जुड़ा है। रामविनोद खूंटी में जूनियर इंजीनियर थे, तब पूजा सिंघल खूंटी की डीसी थीं। झारखंड हाईकोर्ट ने आदेश दिया था कि ईडी इस मामले में काउंटर एफिडेविट करे।

आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल को जेएसएमडीसी के अध्यक्ष और खान सचिव दोनों पदों पर पदस्थापित किए जाने के खिलाफ झारखंड हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गयी थी।दोनों पदों पर उनकी नियुक्ति को नियम विरूद्ध बताते हुए किसी एक ही पद पर पदस्थापित करने का आग्रह हाईकोर्ट से किया गया है। इस संबंध में भूमि सुधार मंच ने जनहित याचिका दायर की है।

याचिका में कहा गया है कि पूजा सिंघल उद्योग सचिव के पद पर हैं, माइनिंग विभाग की सचिव भी हैं और जेएसएमडीसी की चेयरमैन भी हैं। 

प्रार्थी का कहना है कि जेएसएमडीसी से पारित आदेश का अपीलीय अधिकार खनन सचिव के पास होता है। अगर दोनों ही पदों पर एक व्यक्ति पदस्थापित रहेगा तो अपील करने वालों को न्याय नहीं मिल सकेगा। प्रार्थी के अधिवक्ता के मुताबिक वर्ष 2007-08 में झारखंड हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने एक आदेश पारित कर कहा था कि जेएसएमडीसी के चैयरमैन के पद पर वैसे अधिकारी की नियुक्ति की जानी चाहिए जो स्वतंत्र प्रभार में हो।

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