*फ़ोटो मनीषा ओर उसके टीम के सदस्य राँची में

लॉन बॉल की अंतर्राष्ट्रीय खिलाडी मनीषा कुमारी ने कहा है कि पिछले 16 साल के लॉन बॉल के इतिहास में बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेल के वीमेंस फोर इवेंट में मिला गोल्ड महत्वपूर्ण उपलब्धि है और भारतीय लॉन बॉल के लिये इस मेडल ने लॉन बॉल से जुड़े सभी खिलाड़ियों और अधिकारियों के सपनों को सच कर दिया है.

मनीषा ने कहा कि वे पिछले बारह साल से कॉमनवेल्थ के किसी मेडल की प्रतीक्षा कर रही थी और भगवान ने गोल्ड देकर बता दिया कि इंतज़ार का फल गोल्ड ही होता है.

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2009 में 8-16 अगस्त को 13 वीं एशिया पसिफ़िक बाउल्स चैंपियनशिप, क्वालालम्पुर (मलेशिया) में भारत के लॉन बॉल के लिये पहला ब्रॉन्ज़ पदक एवं 2009 में ही 4-9 दिसम्बर को 8 वीं एशियन लॉन बाउल्स चैंपियनशिप, शेनजेन (चीन) में भारत के लिये पहला गोल्ड मेडल जीतनेवाली भारतीय टीम की लीड के रूप में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभानेवाली मनीषा ने कहा कि बर्मिंघम का गोल्ड बहुत ही महत्वपूर्ण है पर इसकी बुनियाद शेनजान और क्वालालम्पुर में पड़ी थी. 

मनीषा ने कहा कि तब भारतीय लॉन बॉल टीम के ऑस्ट्रेलियन कोच रिचर्ड गेल को भी मैच से पहले विश्वास नहीं था कि भारतीय टीम के हाथ मेडल लगेगा पर उसने फरज़ाना खान, रूपा रानी तिर्की और पिंकी के महत्वपूर्ण सहयोग के साथ दोनों टूर्नामेंट में चार इंटरनेशनल मेडल जीतने में योगदान दिया. 

आज जहाँ बर्मिंघम के पोडियम पर हाथों में गोल्ड लिये भारतीय सितारे हैं वहीं उसकी आँखों के सामने क्वालालम्पुर और शेनजान का पोडियम, स्टेडियम में बजता राष्ट्रगान और आसमान की ओर बढ़ता तिरंगा मेरी आँखों के सामने नाच रहा है. 

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मनीषा ने कहा कि बर्मिंघम में जिस प्रकार से नयनमणि साइकिया, पिंकी और झारखण्ड की लवली चौबे एवं रूपा रानी तिर्की ने टीम भावना, मजबूत मनोबल, शानदार टैक्नीक और जुझारूपन के बलबूते अपना प्रदर्शन किया उसी के कारण मेडल मिला. विशेष रूप से न्यूज़ीलैण्ड के खिलाफ सेमीफाइनल में 16-13 की जीत और साउथ अफ्रीका के खिलाफ 17-10 का स्कोर कर अफ्रीकन सपनों को तोड़ने और गोल्ड पाने के लिये बर्मिंघम हमेशा याद रहेगा. 

यह उपलब्धि इसलिये भी जरूरी थी क्योंकि कॉमनवेल्थ गेम्स में लगातार तीन असफलता के बाद चौथी बार भाग लेने पर यह मेडल हाथ लगा और विशेष रूप से भारतीय खिलाडी रूपा रानी तिर्की का अनुभव रंग लाया. मनीषा ने भरोसा जताया कि कॉमनवेल्थ में मिले गोल्ड से भारत में राष्ट्रमण्डल खेल के इस कोर गेम को ज़बरदस्त प्रसिद्धि मिलेगी और भविष्य में ऐसे मेडल्स की लम्बी फेहरिस्त होगी.

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