बाल अधिकारों को संरक्षित करने वाली संस्था एनसीपीसीआर ने राज्यों को दिए है निर्देश और कहा है कि जागरूकता कार्यक्रम के तहत ग्राम पंचायत, प्रखंड, नगर निगम वार्ड और जिला तहसील स्तर पर बैठकें आयोजित करके बाल विवाह की रोकथाम के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाए. 

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने कहा है कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम में मैरिज सर्विस मुहैया कराने के लिए जिम्मेदार बाल विकास के परियोजना अधिकारी और धार्मिक गुरुओं को भी शामिल किया जाए.

साथ साथ एनसीपीसीआर ने राज्य सरकारों से कहा है कि अक्षय तृतीया के मौके पर भारत के कई राज्यों में होने वाले बाल विवाह को रोकने की ज़रूरत है. इसलिए राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने चिंता जाहिर करते हुए सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को आगाह किया है. 

उसने देश के राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के प्रमुख सचिवों को पत्र लिखकर 28 अप्रैल से पहले सभी जिलों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की सलाह दी है. शुक्रवार को राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के प्रमुख सचिवों को लिखे पत्र में एनसीपीसीआर ने कहा है कि वे सभी जिलों के जिलाधिकारियों को बाल विवाह को रोकने के लिए 28 अप्रैल से पहले जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश जारी करें.

राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के प्रमुख सचिवों को लिखे गए पत्र में एनसीपीआर ने कहा है कि उसके बाद देश के विभिन्न हिस्सों से आगामी 3 मई को बाल विवाह किए जाने की रिपोर्ट मिली है. उसने प्रमुख सचिवों को कहा है कि 3 मई को पूरे देश में अक्षय तृतीया मनाया जा रहा है, जिसे अकती या अखा तीज भी कहा जाता है और इस मौके पर देश के कई राज्यों में बहुतायत में बाल विवाह किए जाते हैं.

support jharkhand state news

If you value our journalism, consider making a voluntary contribution to help us continue bringing news, stories and information to our readers.

Scan the QR code to contribute

Support Jharkhand State News via UPI

Every contribution, big or small, is appreciated.

must read