गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत और राज्य के खेल मंत्री ने आज एक संवाददाता सम्मेलन में जानकारी देते हुए कहा कि गोवा 37वें राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी करके इतिहास रचने के लिए तैयार है, जिसमें रिकॉर्ड 43 खेल विधाएं शामिल होंगी। 

यह आयोजन एथलेटिक कौशल व सौहार्द का जश्न मनाने का अवसर होगा और इसमें कई रोमांचक खेल स्पर्धाओं की शुरुआत की जाएगी। गुजरात में पिछले आयोजन, जिसमें 36 विधाओं को शामिल किया गया था और केरल के 2015 संस्करण में 33 विधाओं को शामिल किया गया था, की तुलना में इस साल का राष्ट्रीय खेल अब तक का सबसे बड़ा आयोजन होगा।

मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत ने गोवा के लिए अपने दृष्टिकोण के बारे में कहा, "हम गोवा में एक फलते-फूलते खेल इकोसिस्टम को स्थापित करने की आकांक्षा रखते हैं। जिस तरह पर्यटक लंबे समय से हमारे खूबसूरत समुद्र तटों का आनंद लेते रहे हैं, उसी तरह अब हमारा लक्ष्य दुनिया भर से खेल प्रेमियों को आकर्षित करना है। 

आयरनमैन और वर्ल्ड टेबल टेनिस जैसे आयोजनों ने अंतरराष्ट्रीय खेल स्पर्धाओं की मेजबानी में हमारी क्षमताओं का प्रदर्शन किया है। राष्ट्रीय खेलों के लिए विकसित अत्याधुनिक अवसंरचना के साथ, हम खेल संघों और राष्ट्रीय महासंघों को साल भर इन सुविधाओं का उपयोग करने के लिए आमंत्रित करते हैं। हमारा उद्देश्य है, गोवा में खेलों को नई ऊंचाइयों पर ले जाना।”

ओलंपिक शैली के बहु-खेल स्पर्धा में 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों की भागीदारी होगी और यह 26 अक्टूबर से 9 नवंबर तक आयोजित किये जाएंगे। पूरे राज्य में कई स्थल विभिन्न प्रतियोगिताओं की मेजबानी करेंगे, जिनमें से साइकिलिंग और गोल्फ दिल्ली में आयोजित किए जाएंगे।

37वें राष्ट्रीय खेलों में पदक के स्तर पर कई नए खेलों की शुरुआत होगी, जिनमें बीच फुटबॉल, रोल बॉल, गोल्फ, सेपकटकरॉ, स्क्वे मार्शल आर्ट, कलियारापट्टू और पेनकक सिलाट शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, नौकायन और तायक्वोंडो की वापसी हो रही है जिन्‍हें पिछले संस्करण में शामिल नहीं किया गया था। परंपरा का जश्न मनाने के लिए, लगोरी और गतका के खेल को प्रदर्शन खेल के रूप में शामिल किया गया है, जिससे इस आयोजन में एक अनूठा और सांस्कृतिक आयाम जुड़ गया है।

गोवा के खेल मंत्री श्री गोविंद गौडे ने इस ऐतिहासिक आयोजन के महत्व पर जोर देते हुए कहा, "37वें राष्ट्रीय खेल केवल एक आयोजन नहीं है, यह पूरे भारत में खेल प्रेमियों और एथलीटों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। जैसा कि हम इस महत्वपूर्ण आयोजन की मेजबानी करने की तैयारी कर रहे हैं। गोवा के दिल में, हम न केवल खेलों का जश्न मना रहे हैं, बल्कि एशियाई खेलों की विरासत को भी संरक्षित कर रहे हैं। हमारा लक्ष्य सिर्फ भागीदारी को बढ़ावा देना नहीं है, बल्कि विविधता से भरे देश के हर कोने से प्रत्येक व्यक्ति में खेल के प्रति जुनून जगाना है। साथ में, हम 37वें राष्ट्रीय खेलों को एक यादगार आयोजन, एकता का प्रतीक और भारत में खेलों के भविष्य के लिए प्रारंभिक प्रयास बनाएंगे।"

खेल सचिव एवं सीईओ, एनजीओसी श्रीमती स्वेतिका सचान ने आगामी खेल आयोजन के लिए अपना उत्साह व्यक्त करते हुए कहा, "गोवा में 2023 के राष्ट्रीय खेलों के लिए हमारी कल्‍पना खेलों की उत्कृष्टता से भी परे है। यह स्थायी दोस्ती को बढ़ावा देने और सच्ची खेल भावना को अपनाने के बारे में है। हम मीडिया को गोवा की असाधारण खेल भावना और कौशल में शामिल होने के लिए आमंत्रित करते हैं।" आइए मिलकर भारतीय खेलों में एक ऐतिहासिक अध्याय लिखें।"

राष्ट्रीय खेलों में पहले नीरज चोपड़ा, सानिया मिर्जा, मीराबाई चानू, साजन प्रकाश और मनु भाकर जैसे प्रमुख भारतीय एथलीट हिस्सा ले चुके हैं।

भारतीय ओलंपिक संघ के लिए राष्ट्रीय खेल तकनीकी आचरण समिति (जीटीसीसी) के अध्यक्ष श्री अमिताभ शर्मा ने हमारे अब तक के इस सबसे महत्वपूर्ण खेल महाकुंभ के लिए तैयार रहने का आग्रह देश से किया, जिसमें 10,000 से अधिक एथलीट उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए जुटेंगे। उन्होंने कहा, "इस आयोजन में प्रतिभाओं का सबसे भव्य संगम देखने को मिलेगा। इसका उद्घाटन कोस्टल रोइंग इवेंट से होगा, जो भारत में इतिहास रचने वाला है। हम खेल कौशल और विविधता के इस असाधारण प्रदर्शन को देखने के लिए पूरे देश को आमंत्रित करते हैं।"

जैसे-जैसे तैयारियां जोर पकड़ रही हैं, गोवा देश और दुनिया को एथलेटिक और खेल भावना के इस असाधारण महोत्सव का हिस्सा बनने के लिए खुला आमंत्रण दे रहा है।

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