चुनाव में वोट के लिए? सत्य की जानकारी किसी के शब्दों से नही, बल्कि उनकी करमों के आधार पर की जानी चाहिए. सब राजनेता जनता के वोट के लिए शब्दों के अलावा कर्म भी करते हैं. इसे आधार मान कर हम तथ्यात्मक अधयन प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी को समझने के लिए कोशिश करें. 

ये ज़रूरी भी है. इसलिए भी की वे दो दिवसिये झारखंड के डोरे पर आ रहें है. लेकिन प्रश्न ये है की अब तक प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी इस 
भगवान बिरस मुंडा की धरती के लिए क्या किया है. आइए समझें.

यह झारखंड राज्य कहलाता था केंद्र का लांचिंग पैड.रांची साल 2014 से 2019 का वह दौर शायद ही कोई ईमानदार झारखंडी भूला हो. तब यहां “डबल इंजन” की सरकार चलती थी. रघुवर दास के हाथ में सत्ता की कमान थी. बड़े बड़े इवेंट होते थे. 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अक्सर यहां आया करते थे. इस राज्य को केंद्र का सुपर लांचिंग पैड कहा जाने लगा था. यहां से कई बड़ी योजनाएं राष्ट्र को समर्पित की गईं. लेकिन 2019 के चुनाव में सत्ता जाते ही तस्वीर बदल गई. पीएम का आना कम हो गया. लेकिन एक बार फिर झारखंड में केंद्र का इंटरेस्ट बढ़ा है. 

आज भगवान बिरसा की जयंती पर पीएम झारखंड आ रहे हैं. तीसरा मौका होगा जब पीएम मोदी रांची के राजभवन में रात्रि विश्राम करेंगे. आज तक देश के किसी भी भारत के प्रधान मंत्री ने अपने कार्यकाल में इतनी बार झारखंड और इसकी राजभवन में रात्रि विश्राम नहीं किया है. 

*पीएम मोदी का रांची में पहला रात्रि विश्राम तब हुवा था जब वे दुनिया की सबसे बड़ी पब्लिक हेल्थ स्कीम यानी जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत) का शुभारंभ सितंबर 2018 को रांची से ही किया था. 

*इसके बाद लोकसभा चुनाव के वक्त 23 अप्रैल 2019 को रांची आए थे. उस दिन उन्होंने हीनू से बिरसा चौक तक रोड शो किया था. तब वह पहली बार राजभवन में रात्रि विश्राम के लिए रुके थे. 

*उस दौरान उन्होंने लोहरदगा, कोडरमा सीट को साधने के लिए गिरिडीह के जमुआ और चाईबासा में चुनावी रैलियां की थी. झारखंड की 14 लोकसभा सीटों में से चार पर पीएम मोदी और शेष पर राजनाथ सिंह और अमित शाह ने जीत की बिसात बिछाई थी. 

इसका नतीजा भी मिला था. झारखंड में भाजपा को 11 और सहयोगी आजसू को एक सीट पर जीत मिली थी. 

* पीएम मोदी का रांची में दूसरा रात्रि विश्राम अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर 21 जून 2019 को रांची के प्रभात तारा मैदान में आयोजित कार्यक्रम में भी शामिल हुए थे. 

*इसके लिए वह एक दिन पहले ही रांची पहुंचे थे. यह दूसरा मौका था जब उन्होंने राजभवन में रात्रि विश्राम किया था. इससे पहले जनवरी 2019 में वह पलामू आए थे. तब उन्होंने मंडल डैम परियोजना का ऑनलाइन शिलान्यास किया था. 

1970 के दशक में बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर ने मंडल डैम की आधारशिला रखी थी. काम भी तेजी से शुरु हुआ था. लेकिन 1992 में परियोजना का मुख्य अभियंता की हत्या के बाद प्रोजेक्ट लटक गया. 

*तीसरी बार पीएम मोदी का रांची में होगा रात्रि विश्राम यह अलग बात है कि साल 2019 में सत्ता गंवाने के बाद पीएम मोदी का झारखंड आने का सिलसिला कम हो गया. तब भाजपा नेताओं ने कोरोना काल को इसका सबसे बड़ा कारण बताया था. पिछले चार वर्षों में पीएम मोदी ने खुद को झारखंड के स्थापना दिवस 15 नवंबर 2021 को झारखंड से कनेक्ट किया था. 

*उस दिन उन्होंने दिल्ली से भगवान बिरसा मुंडा स्मृति पार्क सह संग्रहालय का ऑनलाइन शिलान्यास किया था. उसी दौरान उन्होंने भगवान बिरसा की जयंती को 'जनजातीय गौरव दिवस ' के रुप में मनाने की घोषणा की थी. इस कार्यक्रम के सात माह बाद जुलाई 2022 को पीएम मोदी देवघर आए थे. 

*यहां के द्वादश ज्योतिर्लिंग की पूजा करने वाले वह पहले प्रधानमंत्री बने. उनसे पहले देश के पहले राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद ने 1952 में इस मंदिर में पूजा अर्चना की थी. उस दौरान पीएम ने रांची के बाद दूसरी बार देवघर में रोड शो किया था. तब उन्होंने देवघर एयरपोर्ट और एम्स के अलावा 16 हजार करोड़ की योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया था. 

उस दौरान सवाल भी उठे थे कि झारखंड की सत्ता जाते ही पीएम मोदी का इस राज्य से मोहभंग क्यों हो गया. इस सवालों के बीच पीएम मोदी तीसरी बार झारखंड दौरे पर रांची में रात्रि विश्राम करने वाले हैं.

(Writer Rajesh Kumar Singh. He is the Bureau Chief, ETV BHARAT, and is known for excellence in journalism.)

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